बिहार में नंद घर अभियान का होगा विस्तार, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन और राज्य सरकार के बीच एमओयू
अनिल अग्रवाल फाउंडेशन और बिहार सरकार के बीच नंद घर अभियान के विस्तार के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस पहल के तहत बच्चों को बेहतर शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ महिलाओं के कौशल विकास और आर्थिक सशक्तिकरण पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. बच्चों और महिलाओं के समग्र विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अनिल अग्रवाल फाउंडेशन और बिहार सरकार के बीच नंद घर अभियान के विस्तार के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य राज्य में आधुनिक सुविधाओं से युक्त नंद घर मॉडल के माध्यम से प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं और महिला सशक्तिकरण को मजबूत करना है।
वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए इसे बिहार के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि बिहार से उनका संबंध केवल जन्मभूमि का नहीं, बल्कि उन मूल्यों और संस्कारों का भी है, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व और जीवन दृष्टि को आकार दिया है। उन्होंने कहा कि अपने राज्य के विकास में योगदान देना उनके लिए जिम्मेदारी के साथ-साथ गर्व का विषय है।
अनिल अग्रवाल ने कहा कि बच्चों के जीवन के शुरुआती छह वर्ष उनके भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं। इसी सोच के साथ नंद घर मॉडल विकसित किया गया है, जहां बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, संतुलित पोषण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उनका मानना है कि यदि बचपन से ही बच्चों को सही वातावरण और सुविधाएं मिलें, तो वे भविष्य में आत्मविश्वासी और सक्षम नागरिक बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नंद घर केवल बच्चों तक सीमित पहल नहीं है। इसका उद्देश्य महिलाओं को भी कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला सशक्त होती है तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नंद घर अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
इस पहल के अंतर्गत आधुनिक सुविधाओं से लैस आंगनवाड़ी केंद्रों का विकास किया जाएगा, जहां बच्चों को शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। साथ ही महिलाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, कौशल विकास गतिविधियां और आजीविका से जुड़े अवसर भी विकसित किए जाएंगे।
अनिल अग्रवाल ने कहा कि नंद घर अभियान बिहार के सामाजिक विकास की दिशा में एक मजबूत शुरुआत है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में राज्य के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उनका मानना है कि सामाजिक विकास और आर्थिक विकास दोनों साथ-साथ आगे बढ़ेंगे, तभी राज्य का समग्र विकास संभव होगा।
उन्होंने इस पहल को सफल बनाने के लिए बिहार सरकार, संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन का आभार व्यक्त किया। साथ ही सभी हितधारकों से अपील की कि वे नंद घर अभियान को बिहार के हर जिले और गांव तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि अधिक से अधिक बच्चों और महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।
नंद घर पहल का उद्देश्य आधुनिक आंगनवाड़ी मॉडल के माध्यम से बच्चों को बेहतर भविष्य देना और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। यह पहल शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और महिला सशक्तिकरण को एकीकृत करते हुए बिहार में समावेशी और सतत सामाजिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।