सोनम वांगचुक के समर्थन में सर्व आदिवासी समाज ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल को भेजा ज्ञापन
कांकेर में सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा सुधार, पारदर्शी शासन और प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. राजेंद्र मांडवी, कांकेर l सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, जिला कांकेर ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में भारत की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा सुधार और युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवेदनशील एवं सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया है।
मांडवी
ज्ञापन में कहा गया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को संविधान के दायरे में रहते हुए शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में जनहित और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर सरकार तथा संवैधानिक संस्थाओं को संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। संगठन का कहना है कि नागरिकों की लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का सम्मान लोकतंत्र की मूल भावना को मजबूत करता है।
संगठन ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि सोनम वांगचुक द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल किसी एक क्षेत्र या समुदाय तक सीमित नहीं हैं। उनके द्वारा उठाए गए विषय पर्यावरण संरक्षण, पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन, युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण जैसे राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों से जुड़े हुए हैं। संगठन का मानना है कि इन विषयों से देशभर के नागरिकों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं और इन पर व्यापक स्तर पर सकारात्मक निर्णय लिया जाना आवश्यक है।
ज्ञापन में विशेष रूप से राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं, विशेषकर नीट सहित अन्य परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की गई। संगठन ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के कारण लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होता है। ऐसी घटनाओं से युवाओं का परीक्षा प्रणाली और संस्थाओं पर विश्वास भी कमजोर पड़ता है।
सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने मांग की कि प्रतियोगी परीक्षाओं में आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए ताकि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। साथ ही पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं में शामिल दोषियों के विरुद्ध त्वरित, निष्पक्ष और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। संगठन ने कहा कि इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता मजबूत होगी और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सकेगा।
ज्ञापन में पर्यावरण संरक्षण, युवाओं के हित, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुशासन से जुड़े विषयों पर भी सरकार से प्रभावी नीतिगत निर्णय लेने का आग्रह किया गया। संगठन ने कहा कि इन मुद्दों पर देशभर में व्यापक जनभावनाएं जुड़ी हुई हैं और समयबद्ध कार्रवाई से लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।
सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य संवैधानिक संस्थाएं लोकतंत्र, न्याय, पारदर्शिता और जनहित की भावना के अनुरूप इन विषयों पर गंभीरता से विचार करेंगी। संगठन का कहना है कि युवाओं, विद्यार्थियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक निर्णय देश के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे।