तिल्दा-नेवरा शाला प्रवेशोत्सव में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, टंकराम वर्मा और नवीन अग्रवाल ने बढ़ाया उत्साह
तिल्दा-नेवरा के शासकीय बी.एन.बी. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l विकासखंड तिल्दा-नेवरा के शासकीय बी.एन.बी. उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित विकासखंड स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव शिक्षा, संस्कार और विद्यार्थियों के उत्साह का प्रेरणादायी आयोजन बनकर सामने आया। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया तथा नवप्रवेशी छात्रों का आत्मीय स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। विद्यालय परिवार ने अतिथियों का स्वागत गीत, पुष्पगुच्छ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अभिनंदन किया। छात्र-छात्राओं की रंगारंग प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह का वातावरण बना दिया और उपस्थित अभिभावकों तथा अतिथियों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
शाला प्रवेशोत्सव के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यालय में नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, अध्ययन सामग्री प्रदान कर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया। अतिथियों ने बच्चों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के विकास का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रत्येक बच्चे तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया और कहा कि ऐसी उपलब्धियां पूरे समाज को आगे बढ़ने का संदेश देती हैं।
कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजें। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षित और जागरूक युवा ही विकसित एवं आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के प्रति जागरूकता, अनुशासन और सकारात्मक वातावरण देखने को मिला। शाला प्रवेशोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों में नए सत्र को लेकर उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ। आयोजन का उद्देश्य केवल नए विद्यार्थियों का स्वागत करना ही नहीं, बल्कि शिक्षा के महत्व के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना और बच्चों को विद्यालय से जोड़ना भी रहा।
इस अवसर पर चन्द्रकला वर्मा, टीकेश्वर मनहरे, स्वाति वर्मा, शैल महेन्द्र साहू, पलक विकास सुखवानी, अनिल अग्रवाल, गिरीश साहू, अनुराधा वर्मा, नरेश शर्मा, मनोज निषाद और नरेसिंग वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने शिक्षा के प्रति सामूहिक सहभागिता और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के संकल्प को नई मजबूती प्रदान की।