साखा पंचायत सचिव के तबादले का ग्रामीणों ने किया विरोध, जिला पंचायत उपाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
खैरागढ़ जिले के ग्राम पंचायत साखा में सचिव संतोष टंडन के स्थानांतरण का ग्रामीणों ने विरोध किया। सरपंच कपिनाथ महोबिया के नेतृत्व में ग्रामीणों और पंचों ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह को ज्ञापन सौंपकर सचिव को यथावत पदस्थ रखने की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़ l जिले के जनपद पंचायत छुईखदान अंतर्गत ग्राम पंचायत साखा में पंचायत सचिव संतोष टंडन के स्थानांतरण का ग्रामीणों ने विरोध जताया है। सचिव के तबादले की जानकारी मिलने के बाद ग्रामवासियों में नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने सचिव को ग्राम पंचायत साखा में ही यथावत पदस्थ रखने की मांग करते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह को ज्ञापन सौंपा।
ग्राम पंचायत साखा के सरपंच कपिनाथ महोबिया के नेतृत्व में ग्रामीणों, पंचों और जनप्रतिनिधियों का प्रतिनिधिमंडल जिला पंचायत कार्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि सचिव संतोष टंडन के स्थानांतरण की जानकारी ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को पहले से नहीं दी गई थी। उनका कहना था कि यह निर्णय स्थानीय जनभावनाओं के विपरीत है और इससे पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि संतोष टंडन ने अपने कार्यकाल के दौरान पंचायत में विकास कार्यों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया है। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाई और ग्रामीणों के साथ हमेशा सहयोगात्मक व्यवहार किया। पंचायत स्तर पर उनके कार्यों को लेकर किसी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आई है। इसी कारण ग्रामीण उन्हें ग्राम पंचायत में बनाए रखने की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के विकास कार्य निरंतर जारी हैं और ऐसे समय में सचिव का स्थानांतरण होने से कई योजनाओं की गति प्रभावित हो सकती है। उनका मानना है कि वर्तमान सचिव स्थानीय परिस्थितियों और पंचायत की आवश्यकताओं से भली-भांति परिचित हैं, इसलिए उनका यथावत पदस्थ रहना पंचायत और ग्रामीणों के हित में होगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से जनभावनाओं का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने मांग की कि सचिव संतोष टंडन का स्थानांतरण आदेश निरस्त कर उन्हें ग्राम पंचायत साखा में ही कार्य करने का अवसर दिया जाए। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पंचायत में विकास कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बात गंभीरता से सुनी और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी मांग से संबंधित ज्ञापन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मामले में नियमानुसार उचित पहल की जाएगी और जनभावनाओं का सम्मान सर्वोपरि रखा जाएगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, पंच और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सचिव को यथावत पदस्थ रखने की मांग दोहराई। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन के अगले निर्णय पर है। यदि उनकी मांग पर सकारात्मक विचार किया जाता है तो पंचायत के विकास कार्य बिना किसी व्यवधान के आगे बढ़ते रहेंगे। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय स्तर पर पंचायत प्रशासन और जनभागीदारी के महत्व को भी उजागर किया है।