रोजगार सह आवास दिवस में ग्रामीणों से सीधा संवाद, योजनाओं की पारदर्शी जानकारी से सशक्त हुए ग्रामीण

कवर्धा जिले में आयोजित रोजगार सह आवास दिवस के माध्यम से ग्रामीणों को महात्मा गांधी नरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना की पारदर्शी जानकारी दी गई। क्यूआर कोड, आजीविका डबरी, युक्तधारा पोर्टल और विकसित भारत जी राम जी जैसी योजनाओं से ग्रामीणों को उनके अधिकारों और रोजगार के नए अवसरों की जानकारी मिली।

Jan 9, 2026 - 14:24
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रोजगार सह आवास दिवस में ग्रामीणों से सीधा संवाद, योजनाओं की पारदर्शी जानकारी से सशक्त हुए ग्रामीण

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के प्रभावी क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में कवर्धा जिले में निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रोजगार सह आवास दिवस के आयोजन के माध्यम से ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया गया।

इस अवसर पर ग्रामीणों को विगत तीन वर्षों में मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत किए गए निर्माण कार्यों की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त करने हेतु क्यूआर कोड स्कैन करने की प्रक्रिया सिखाई गई। ग्रामीणों को बताया गया कि गांव के प्रमुख स्थलों पर लगाए गए क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन करते ही उन्हें योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत और पूर्ण कार्यों की पूरी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध हो जाएगी, जिससे उन्हें किसी कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

रोजगार सह आवास दिवस के दौरान आजीविका डबरी के महत्व पर विशेष चर्चा की गई। बताया गया कि डबरी निर्माण से जहां एक ओर ग्रामीणों को रोजगार प्राप्त होता है, वहीं दूसरी ओर मछली पालन एवं डबरी के आसपास सब्जी उत्पादन से आजीविका के नए स्रोत विकसित होते हैं। मत्स्य पालन एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा तकनीकी प्रशिक्षण एवं सहायता उपलब्ध कराए जाने की भी जानकारी दी गई।

कलेक्टर कबीरधाम  गोपाल वर्मा ने बताया कि प्रत्येक माह की 7 तारीख को रोजगार सह आवास दिवस आयोजित किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों को योजनाओं से जुड़ी समस्त जानकारी एक ही मंच पर दी जा सके। इस दौरान कूप निर्माण, पशु शेड, वृक्षारोपण, डबरी निर्माण जैसे कार्यों के माध्यम से आजीविका संवर्धन की गतिविधियों पर ग्रामीणों को जागरूक किया गया।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के हितग्राहियों के नामों का वाचन कर किश्तों की जानकारी, मनरेगा मजदूरी भुगतान, निर्माण सामग्री एवं अभिसरण से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई। हितग्राहियों से समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूर्ण करने का आह्वान किया गया।

इसके साथ ही विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (विकसित भारत जी राम जी) के तहत 125 दिनों के रोजगार, मांग आधारित कार्य, समय पर मजदूरी भुगतान एवं कमजोर वर्गों को होने वाले लाभों की जानकारी साझा की गई। युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लेबर बजट एवं निर्माण कार्यों के चयन पर भी ग्रामीणों से विस्तृत चर्चा की गई।

यह आयोजन ग्रामीणों को सशक्त बनाने की दिशा में पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन की मजबूत पहल के रूप में सामने आया।