रायपुर में प्रगतिशील लेखक संघ ने दिवंगत रचनाकारों विनोद कुमार शुक्ल, नासिर अहमद सिकंदर और शायर रज़ा हैदरी को दी श्रद्धांजलि

रायपुर प्रेस क्लब में प्रगतिशील लेखक संघ, जनवादी लेखक संघ और जन संस्कृति मंच ने दिवंगत रचनाकारों विनोद कुमार शुक्ल, नासिर अहमद सिकंदर और शायर रज़ा हैदरी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। सभा में साहित्यकारों और संस्कृति कर्मियों ने उनके योगदान, संवेदनशीलता और ईमानदारी की सराहना की और उन्हें याद किया।

Jan 3, 2026 - 12:37
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रायपुर में प्रगतिशील लेखक संघ ने दिवंगत रचनाकारों विनोद कुमार शुक्ल, नासिर अहमद सिकंदर और शायर रज़ा हैदरी को दी श्रद्धांजलि

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | रायपुर प्रेस क्लब में प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस), जनवादी लेखक संघ (जलेस) और जन संस्कृति मंच (जसम) के साथियों ने दिवंगत रचनाकारों विनोद कुमार शुक्ल, नासिर अहमद सिकंदर और शायर रज़ा हैदरी को श्रद्धांजलि दी। यह सभा साहित्य जगत की तीन विभूतियों की स्मृति में आयोजित की गई, जिन्होंने वर्ष 2025 के दिसंबर महीने में अपने सृजन और संवेदनशीलता से समाज पर अमिट छाप छोड़ी थी।

सभा का उद्घाटन प्रगतिशील लेखक संघ रायपुर के अध्यक्ष अरुणकांत शुक्ला ने किया। उन्होंने विनोद कुमार शुक्ल को मानवता का पक्षधर रचनाकार बताया। कवि नासिर अहमद सिकंदर को संगठनात्मक और चेतनाशील योगदान के लिए याद किया गया, जबकि शायर रज़ा हैदरी को हिंदी और उर्दू साहित्य के बीच सेतु बनाने वाला रचनाकार बताया गया।

जनवादी लेखक संघ के प्रदेश अध्यक्ष परदेशी राम ने विनोद कुमार शुक्ल के अनूठे शिल्प और नासिर अहमद सिकंदर के संगठनकर्ता व्यक्तित्व की सराहना की। वहीं, जन संस्कृति मंच के राष्ट्रीय सचिव राजकुमार सोनी ने तीनों रचनाकारों की संवेदनशीलता और ईमानदारी को उनके साहित्य की विशेषता बताया।

सभा में शायर मीर अली मीर ने तीनों साहित्यकारों को खुशबू की उपमा देते हुए कहा कि उनकी यादें और योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगे। उर्दू साहित्य में शायर रज़ा हैदरी के योगदान को विशेष रूप से सुखनवर हुसैन सुखनवर ने रेखांकित किया।

जलेस और प्रलेस के सदस्य डॉ. नंदन और नंद कुमार कंसारी ने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए रचनाकारों की निष्काम सेवा और लेखन की ईमानदारी को याद किया। इसके अलावा नामचीन कवि आलोक वर्मा, उद्घोषक कमल शर्मा, और दैनिक नवभारत की संपादक आफताब बेगम ने भी उनकी साहित्यिक उपलब्धियों का उल्लेख किया।

सभा का संचालन जलेस के राज्य महासचिव पीसी रथ ने किया। अंत में शायर शिज्जू शकूर ने आयोजकों की ओर से सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस साहित्यिक सभा ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि संवेदनशीलता, ईमानदारी और मानवता के प्रति प्रतिबद्धता ही किसी रचनाकार को महान बनाती है।