जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित परीक्षा केंद्र के लिए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय परिसर में जगह का चयन किया जा चुका है। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने परीक्षा केंद्र के लिए उपयुक्त स्थान को लेकर परिसर का जायजा लिया था। इसके बाद रायपुर के एसडीएम नंद कुमार चौबे ने बताया कि परीक्षा केंद्र के निर्माण के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति के साथ समन्वय कर परिसर में परीक्षा केंद्र के लिए स्थान का चयन किया गया है।
प्रस्तावित परीक्षा केंद्र का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। योजना के अनुसार यहां CGPSC, UPSC और व्यापमं सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन किया जा सकेगा। एक बड़े और व्यवस्थित परीक्षा केंद्र के उपलब्ध होने से परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं को भी एक निर्धारित स्थान मिल सकेगा। वहीं अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा केंद्र तक पहुंचना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
अभी प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले कई अभ्यर्थियों को अलग-अलग शहरों में परीक्षा केंद्र मिलने के कारण यात्रा करनी पड़ती है। परीक्षा की तारीख और केंद्र के आधार पर अभ्यर्थियों को पहले से यात्रा की तैयारी करनी पड़ती है। कई बार अलग शहर में परीक्षा केंद्र होने से आने-जाने और ठहरने से जुड़ी अतिरिक्त परेशानियां भी सामने आती हैं। राजधानी रायपुर में एक बड़े परीक्षा केंद्र के निर्माण से ऐसी परेशानियों को कम करने की उम्मीद है।
परीक्षा केंद्र को लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि अक्सर परीक्षा देने के लिए कभी एक शहर तो कभी दूसरे शहर जाना पड़ता है। इससे समय और संसाधन दोनों खर्च होते हैं। रायपुर में विश्वविद्यालय परिसर के भीतर व्यवस्थित परीक्षा केंद्र उपलब्ध होने से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले छात्रों को सुविधा मिल सकती है।
अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि ऐसी व्यवस्था का लाभ केवल CGPSC, UPSC या व्यापमं की परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए। NEET और JEE जैसी परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को भी कई बार परीक्षा केंद्र से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि भविष्य में बड़े स्तर पर विभिन्न परीक्षाओं के लिए पर्याप्त क्षमता वाला केंद्र उपलब्ध होता है, तो विद्यार्थियों के लिए परीक्षा प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो सकती है।
कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि राजधानी में इस तरह का केंद्र पहले ही बन जाना चाहिए था, लेकिन अब इसकी पहल शुरू होना राहत की बात है। उनका मानना है कि एक ही स्थान पर परीक्षा आयोजित होने से हर परीक्षा के लिए अलग-अलग केंद्र तलाशने और शहर बदलने की जरूरत कम होगी।
फिलहाल परीक्षा केंद्र के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। बजट में इसके लिए प्रावधान किए जाने और विश्वविद्यालय परिसर में स्थान चयन की जानकारी सामने आई है। निर्माण पूरा होने के बाद रायपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक बड़े और व्यवस्थित केंद्र की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से परीक्षा देने रायपुर आने वाले अभ्यर्थियों को आने वाले समय में राहत मिलने की उम्मीद है।