भोरमदेव पदयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा श्रद्धालुओं के साथ हुए शामिल

श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर कबीरधाम में आयोजित 18 किलोमीटर लंबी भोरमदेव पदयात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा के दौरान पूजा-अर्चना, भव्य झांकियां, सेवा शिविर और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का संदेश प्रमुख आकर्षण रहे।

Aug 4, 2026 - 12:31
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भोरमदेव पदयात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा श्रद्धालुओं के साथ हुए शामिल

UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम l श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर कबीरधाम जिले में आयोजित ऐतिहासिक भोरमदेव पदयात्रा में आस्था, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर से बाबा भोरमदेव मंदिर तक निकली लगभग 18 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरे मार्ग में "हर-हर महादेव" और "बोल-बम" के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

पदयात्रा प्रारंभ होने से पहले विजय शर्मा ने पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद भगवा ध्वज के साथ श्रद्धालुओं के बीच पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। बड़ी संख्या में कांवड़िये, महिलाएं, युवा, बच्चे और बुजुर्ग भगवान भोलेनाथ के जयघोष करते हुए भोरमदेव धाम की ओर बढ़े।

इस अवसर पर विजय शर्मा ने कहा कि श्रावण मास का प्रथम सोमवार भगवान शिव की आराधना का विशेष पर्व है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव पदयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और जनआस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सरकार भोरमदेव धाम के संरक्षण, विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए सभी श्रद्धालुओं को श्रावण मास की शुभकामनाएं दीं।

यात्रा में पूर्व संसदीय सचिव सियाराम साहू, मोतीराम चंद्रवंशी, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बिसेसर पटेल, कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट, वीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, संतोष पटेल, विदेशी राम धुर्वे, कलेक्टर गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

पूरे पदयात्रा मार्ग में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं के स्वागत की विशेष व्यवस्था की गई। जगह-जगह पुष्पवर्षा, तिलक और माल्यार्पण कर यात्रियों का अभिनंदन किया गया। सेवा शिविरों में चाय, कॉफी, शरबत, नींबू पानी, जूस, फल, खीर-पूड़ी और अन्य खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। ग्रामीणों और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय भागीदारी ने यात्रा को और अधिक व्यवस्थित एवं सफल बनाया।

इस वर्ष की पदयात्रा का प्रमुख आकर्षण भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश और नंदी पर आधारित भव्य झांकियां रहीं। पूरे मार्ग में भक्तिमय झांकियों, भजन-कीर्तन और शिव आराधना ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराया। श्रद्धालुओं ने इन झांकियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

पदयात्रा के दौरान समनापुर के समीप महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जागरूकता स्टॉल का भी अवलोकन किया गया। विजय शर्मा ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

वर्ष 2008 से लगातार आयोजित हो रही भोरमदेव पदयात्रा आज छत्तीसगढ़ की प्रमुख धार्मिक यात्राओं में शामिल हो चुकी है। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने यह सिद्ध कर दिया कि बाबा भोरमदेव के प्रति लोगों की आस्था निरंतर बढ़ रही है। धार्मिक उत्साह, सामाजिक समरसता और जनसहभागिता के साथ संपन्न हुई यह पदयात्रा कबीरधाम जिले की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक मजबूत करने वाली साबित हुई।