बैठक में विधायक लता उसेंडी (कोंडागांव), रायमुनी भगत और गोमती साय सहित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव अमित कटारिया, आयुक्त शिक्षा रितेश अग्रवाल तथा अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के दौरान संचालक महामारी नियंत्रण डॉ. सुरेन्द्र पामभोई ने दोनों अधिनियमों के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए प्रदेश में उनके क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में पीसीपीएनडीटी और एआरटी एक्ट का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाना बेहद आवश्यक है और इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
बैठक में लिंगानुपात की स्थिति में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने निर्देश दिए कि प्रदेश में सबसे अधिक और सबसे कम सेक्स रेशियो वाले तीन-तीन जिलों का विस्तृत अध्ययन कराया जाए। इस अध्ययन के आधार पर असमानता के कारणों का पता लगाकर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि लिंगानुपात में संतुलन लाया जा सके।
इसके अलावा प्रदेश में सोनोग्राफी सेवाओं की कमी को ध्यान में रखते हुए एमबीबीएस चिकित्सकों के लिए छह माह के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। इस प्रशिक्षण के माध्यम से अधिक से अधिक चिकित्सकों को सोनोग्राफी सेवाओं में दक्ष बनाया जाएगा, जिससे दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
बैठक में प्रदेश में संचालित आईवीएफ और सरोगेसी केंद्रों की नियमित निगरानी और निरीक्षण के लिए एक व्यवस्थित कार्ययोजना तैयार करने का भी निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और लाभार्थियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सकेगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद दंपत्तियों को बेहतर प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर में जल्द ही आईवीएफ सुविधा शुरू की जाएगी। इस सुविधा का लाभ जरूरतमंद दंपत्तियों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल से उन दंपत्तियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो आर्थिक कारणों से महंगी आईवीएफ उपचार सेवाएं नहीं ले पाते। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर वर्ग को आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।