नगरी में गरजेगी जनता की आवाज़ — सिहावा विधानसभा में कांग्रेस का एकदिवसीय चक्का जाम आज
सिहावा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस आज कर्राघाटी चौक, नगरी में एकदिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम करने जा रही है। बिजली दरों, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और माडम सिल्ली बांध से पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर यह विरोध आयोजित होगा। कार्यक्रम में विधायक अंबिका मरकाम, पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव और अशोक सोम मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, नगरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी में आज कांग्रेस पार्टी जनता की आवाज़ को बुलंद करने जा रही है। सिहावा विधानसभा क्षेत्र की जनता की बुनियादी मांगों को लेकर कांग्रेस द्वारा एकदिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन एवं चक्का जाम का आयोजन किया जा रहा है।
यह आंदोलन बढ़ती बिजली दरों, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की धान खरीदी में लापरवाही और माडम सिल्ली बांध से पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर किया जा रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नगरी, बेलरगांव एवं कुकरेल द्वारा किया गया है।
धरना प्रदर्शन मंगलवार, 28 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से कर्राघाटी चौक, राजेश आनंद तल्लेवार पेट्रोल पंप के पास, नगरी में होगा। इस दौरान क्षेत्र के हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल होंगे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिहावा विधायक अंबिका मरकाम, पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव और पूर्व विधायक अशोक सोम उपस्थित रहेंगे। इनके साथ वरिष्ठ कांग्रेसजन, पूर्व जनप्रतिनिधि, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस, मजदूर कांग्रेस, सेवादल एवं अन्य प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार जनता की समस्याओं से मुँह मोड़े बैठी है। बिजली और महंगाई ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है, किसानों को समय पर धान खरीदी का लाभ नहीं मिल रहा, वहीं माडम सिल्ली बांध से नगरी क्षेत्र को पानी नहीं मिल पाने से खेती-किसानी संकट में है।
विधायक अंबिका मरकाम ने कहा कि जनता के मुद्दों को सड़क से सदन तक पहुँचाना कांग्रेस की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक जनता को उसका हक नहीं मिलता, तब तक कांग्रेस की आवाज़ गूंजती रहेगी।
जनता से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर इस आंदोलन को सफल बनाएं और “जनता का हक, जनता को दिलाएं” के नारे को साकार करें।
कांग्रेस संगठन का यह विरोध प्रदर्शन जनता की तकलीफों और सरकार की नीतियों के खिलाफ जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। नगरी में होने वाला यह धरना आगामी राजनीतिक समीकरणों पर भी प्रभाव डाल सकता है।