अभियान के अंतिम चरण में नीम, कदम, जामुन, गुलमोहर और पेंटाफाम सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। लगाए गए पौधों की सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड और बांस की व्यवस्था की गई है। संस्था का कहना है कि पौधरोपण के साथ उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि लगाए गए पौधे सुरक्षित रहकर आगे चलकर बड़े वृक्ष बन सकें और शहर की हरियाली में योगदान दें।
स्टार्स ऑफ टुमॉरो वेलफेयर सोसायटी की शुरुआत से ही यह सोच रही है कि केवल पौधों की संख्या बढ़ाना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पर्याप्त नहीं है। पौधे लगाने के बाद उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण भी जरूरी है। इसी सोच के साथ संस्था ‘क्वांटिटी नहीं, क्वालिटी’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। संस्था के सदस्यों के अनुसार पिछले वर्षों में लगाए गए कई पौधे अब बड़े होकर छांव और हरियाली दे रहे हैं, जिसे अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
संस्था के संयोजक रामपाल सिंह ठाकुर ने कहा कि ‘हरियर मुंगेली-सुघ्घर मुंगेली’ सिर्फ पौधरोपण तक सीमित अभियान नहीं है, बल्कि पौधों को वृक्ष बनाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि दस वर्षों के दौरान संस्था ने पौधों की संख्या से अधिक उनके संरक्षण और जीवित रहने को प्राथमिकता दी है। पुराने पौधों को वृक्ष का रूप लेते देखना अभियान की सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने आने वाले वर्षों में भी इस अभियान को लगातार जारी रखने की बात कही।
संस्था के सह संयोजक रामशरण यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण किसी एक दिन या मौसम तक सीमित नहीं होना चाहिए। पौधा लगाने के बाद उसकी नियमित देखभाल करना भी उतना ही आवश्यक है। संस्था के सदस्य लगाए गए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य मुंगेली की सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख स्थानों पर हरियाली को बढ़ाना है।
संस्था के सदस्य अनुराग सिंह ने कहा कि अभियान में पौधरोपण के साथ पौधों की सुरक्षा और नियमित मेंटेनेंस को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। जब पौधे सुरक्षित रहकर बड़े वृक्ष बनते हैं, तभी पौधरोपण का उद्देश्य सार्थक होता है। उन्होंने युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने को भी संस्था की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
दसवें वर्ष के अंतिम चरण के समापन के साथ संस्था ने आगामी वर्ष में भी अभियान को जारी रखने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में रामपाल सिंह, रामशरण यादव, महावीर सिंह, धनराज परिहार, गोखलेश सिंह, विकास जैन, मुकेश पांडेय, अनुराग सिंह, कोमल चौबे, नागेश साहू, पप्पू शर्मा, राहुल मल्लाह, पवन यादव, आर्या सिंह, संदीप सिंह, वासु पांडेय, रवि साहू, आशीष सिंह, श्रेयांश बैद, देवेंद्र सिंह गहरवार, अजय चंद्राकर, परमेश्वर देवांगन, अमित साहू और सुरेश यादव सहित कई पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे।