आशीर्वाद के दीये कार्यक्रम में जूते-चप्पल पहनकर दीप प्रज्वलन पर लोचन यादव ने उठाए सवाल

दुर्ग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम की तस्वीरों को लेकर कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण के जिला सचिव लोचन यादव ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने दीप प्रज्वलन के दौरान कुछ भाजपा नेताओं के जूते-चप्पल पहने होने को धार्मिक मर्यादा और परंपराओं से जोड़ते हुए टिप्पणी की। यादव ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में आस्था और परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

Sep 18, 2026 - 12:41
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आशीर्वाद के दीये कार्यक्रम में जूते-चप्पल पहनकर दीप प्रज्वलन पर लोचन यादव ने उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन के दौरान जूते-चप्पल पहने होने को लेकर कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण के जिला सचिव लोचन यादव ने सवाल उठाए हैं। कार्यक्रम की तस्वीरों में सांसद विजय बघेल, कलेक्टर, भाजपा जिलाध्यक्ष सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में दीप प्रज्वलित किए जाने का उल्लेख करते हुए यादव ने धार्मिक मर्यादा और परंपराओं को लेकर टिप्पणी की है।

लोचन यादव ने कहा कि भाजपा के नेता स्वयं को सनातनी और कट्टर हिंदू बताते हैं तथा सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की बात करते हैं। उनके अनुसार, ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से जुड़े दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में जूते-चप्पल पहनकर दीप जलाने की तस्वीरें सामने आना धार्मिक मर्यादा और परंपराओं को लेकर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन में शामिल लोगों को आयोजन की प्रकृति और उससे जुड़ी परंपराओं का ध्यान रखना चाहिए।

कांग्रेस जिला सचिव ने कहा कि दीप प्रज्वलन भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में आस्था तथा शुभता से जुड़ा आयोजन माना जाता है। उनके अनुसार, इसे केवल औपचारिक कार्यक्रम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इससे जुड़ी धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का भी सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों में निर्धारित धार्मिक मर्यादाओं को ध्यान में रखना आवश्यक है।

लोचन यादव ने भाजपा नेताओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सनातनी और कट्टर हिंदू होने की बात कहने के साथ-साथ सनातन संस्कृति की परंपराओं और मर्यादाओं का पालन व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था से जुड़े आयोजनों को राजनीतिक कार्यक्रम का स्वरूप देने से पहले उससे जुड़ी भावनाओं और परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन की गरिमा केवल उसके स्वरूप या भव्यता से निर्धारित नहीं होती, बल्कि उसमें अपनाई जाने वाली मर्यादा, आस्था और परंपराओं के सम्मान से भी जुड़ी होती है। यादव ने भाजपा नेताओं से इस विषय पर आत्ममंथन करने की बात कही।

यह बयान कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण के जिला सचिव लोचन यादव की ओर से जारी प्रतिक्रिया के रूप में सामने आया है। उन्होंने कार्यक्रम की तस्वीरों के आधार पर धार्मिक मर्यादा को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक रूप से धार्मिक परंपराओं की बात करने वाले नेताओं को धार्मिक आयोजनों में भी उन परंपराओं के अनुरूप आचरण पर ध्यान देना चाहिए।

‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन से संबंधित तस्वीरों को लेकर यादव ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने धार्मिक आयोजन और राजनीतिक गतिविधियों के बीच परंपराओं तथा धार्मिक भावनाओं के सम्मान को महत्वपूर्ण बताते हुए भाजपा नेताओं से इस विषय पर विचार करने की अपील की है।