श्रावण के प्रथम सोमवार पर लक्ष्मी राजवाड़े ने बीरपुर में की कांवड़ यात्रा, भगवान शिव का किया जलाभिषेक

श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बीरपुर में कांवड़ यात्रा में भाग लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की।

Aug 4, 2026 - 14:12
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श्रावण के प्रथम सोमवार पर लक्ष्मी राजवाड़े ने बीरपुर में की कांवड़ यात्रा, भगवान शिव का किया जलाभिषेक

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l श्रावण मास के प्रथम सोमवार के पावन अवसर पर महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने गृह ग्राम बीरपुर में आयोजित कांवड़ यात्रा में श्रद्धालुओं के साथ सहभागिता कर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। इस दौरान उन्होंने पासंग नाला से पवित्र जल लेकर कांवड़ यात्रा में शामिल होते हुए भगवान भोलेनाथ के मंदिर तक पदयात्रा की और विधि-विधान से जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की।

श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए लक्ष्मी राजवाड़े ने सपरिवार भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा संपन्न की। पूजा के दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए भगवान भोलेनाथ से समस्त छत्तीसगढ़ पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल हुए। भक्तों ने भगवान शिव के जयघोष के साथ धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का परिचय दिया। पूरे मार्ग में भक्तिमय वातावरण बना रहा और शिवभक्ति से ओतप्रोत यह आयोजन क्षेत्र में आस्था का केंद्र बना रहा।

लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि श्रावण मास केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मक सोच और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। भगवान शिव की आराधना व्यक्ति को संयम, सेवा और लोककल्याण का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में भाईचारे, सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यह पर्व लोगों को प्रकृति, अध्यात्म और संस्कृति से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि समाज अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति आज भी गहरी आस्था रखता है।

मंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे धार्मिक आयोजनों में अनुशासन बनाए रखें, स्वच्छता का विशेष ध्यान दें और सामाजिक समरसता का संदेश फैलाएं। उन्होंने कहा कि समाज के कल्याण और प्रदेश की उन्नति के लिए सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

श्रावण मास के प्रथम सोमवार पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन ने क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल बना दिया। भगवान शिव के मंदिर में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने प्रदेश की शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या मौजूद रही, जिन्होंने धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धापूर्वक सहभागिता की।

श्रावण के इस पावन अवसर पर आयोजित कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक कार्यक्रम ने एक बार फिर भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक एकता के संदेश को मजबूत करने का कार्य किया।