कोरबा में व्यापारी से मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप, 24 घंटे बाद भी FIR दर्ज नहीं

कोरबा के CSEB पुलिस चौकी क्षेत्र में एक व्यापारी ने दुकान में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद FIR दर्ज नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

Jul 20, 2026 - 11:02
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कोरबा में व्यापारी से मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप, 24 घंटे बाद भी FIR दर्ज नहीं

UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप राव, कोरबा l कोरबा जिले के CSEB पुलिस चौकी क्षेत्र में एक व्यापारी के साथ कथित रूप से दुकान में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज नहीं किए जाने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, बुधवारी स्थित श्री राम जानकी मंदिर के सामने रहने वाले अमन सोनी ने 15 जुलाई 2026 को CSEB पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि बुधवारी बाजार निवासी कैलाश अग्रवाल उनकी एम डिजिटल कंप्यूटर नामक दुकान में जबरन घुस आए और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। शिकायत के अनुसार आरोपी ने दुकान में रखे रैक का कांच और एक लैपटॉप भी तोड़ दिया, जिससे आर्थिक नुकसान हुआ।

पीड़ित का कहना है कि उनका आरोपी के पुत्र के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा है। इसी मामले में उन्होंने न्यायालय में धारा 138 (चेक बाउंस) के तहत प्रकरण दायर किया है और विधिक नोटिस भी भेजा गया था। आरोप है कि इसी शिकायत को वापस लेने का दबाव बनाने के उद्देश्य से यह घटना की गई।

शिकायत दर्ज होने के बाद भी पुलिस द्वारा तत्काल अपराध दर्ज नहीं किए जाने से स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, CSEB चौकी प्रभारी राजेश तिवारी इस मामले में अपराध दर्ज करने से पहले कोरबा नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) से मार्गदर्शन लेने की बात कह रहे हैं। इस स्थिति ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा लिखित रूप में संज्ञेय अपराध की शिकायत दी जाती है, तो नियमानुसार तत्काल FIR दर्ज कर आगे की जांच शुरू की जानी चाहिए। ऐसे में दुकान में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ और धमकी जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद कार्रवाई में देरी समझ से परे है।

पीड़ित अमन सोनी ने बताया कि घटना के बाद उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जी रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच करते हुए आरोपी के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब यह देखना होगा कि कोरबा पुलिस इस शिकायत पर कब तक FIR दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई करती है। वहीं, इस पूरे मामले ने कानून व्यवस्था और शिकायतों के त्वरित निराकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।