कोरबा में कबाड़ कारोबार विवाद ने लिया नया मोड़, गुलाम मेमन पर ब्लैकमेलिंग और उगाही के आरोप; तीन लोगों ने एसपी से की शिकायत

कोरबा में कथित कबाड़ कारोबार को लेकर चल रहा विवाद अब शिकायतों के दौर में पहुंच गया है। रवि साहू, दीपक साहू और राजेश साहू ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर गुलाम मेमन पर ब्लैकमेलिंग, भयादोहन, झूठी शिकायत और अवैध वसूली की कोशिश के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि उनके पास कथित धमकी और पैसों की मांग से संबंधित ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले में जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

Aug 21, 2026 - 10:39
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कोरबा में कबाड़ कारोबार विवाद ने लिया नया मोड़, गुलाम मेमन पर ब्लैकमेलिंग और उगाही के आरोप; तीन लोगों ने एसपी से की शिकायत

UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप राव, कोरबा l कोरबा में कथित अवैध कबाड़ कारोबार को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतों तक पहुंच गया है। गुलाम मेमन की ओर से पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दिए जाने के बाद रवि साहू, दीपक साहू और राजेश साहू ने भी एसपी को आवेदन सौंपकर गुलाम मेमन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं ने ब्लैकमेलिंग, भयादोहन, झूठी शिकायत और पैसों की मांग करने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि 18 अगस्त 2026 को गुलाम मेमन ने उनके खिलाफ कथित अवैध कबाड़ कारोबार और चोरी का लोहा खरीदने के आरोप लगाए थे। तीनों का दावा है कि ये आरोप गलत और मनगढ़ंत हैं तथा उन्हें सामाजिक रूप से बदनाम करने और दबाव बनाने के उद्देश्य से शिकायत की गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

रवि साहू ने अपने आवेदन में दावा किया है कि वह पूर्व में छोटे स्तर पर वैध रूप से कबाड़ का कारोबार करते थे, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई के बाद यह काम बंद कर चुके हैं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद उनसे लगातार पैसों की मांग की जाती रही और रकम देने से इनकार करने के बाद उनके खिलाफ शिकायत कर दी गई।

पुलिस अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाने का दावा

शिकायत में यह भी कहा गया है कि गुलाम मेमन ने तीनों आवेदकों के अलावा मानिकपुर चौकी, कोतवाली थाना और बालको पुलिस से जुड़े अधिकारियों पर भी कथित मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के आरोपों से पुलिस विभाग की छवि प्रभावित होने की आशंका है।

ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग जांच एजेंसी को देने की बात

रवि साहू, दीपक साहू और राजेश साहू ने दावा किया है कि उनके पास कथित धमकी और पैसों की मांग से संबंधित कॉल रिकॉर्डिंग तथा वीडियो मौजूद हैं। उन्होंने जांच के दौरान इन रिकॉर्डिंग को संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कही है। अब इन दावों की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।

वर्ष 2025 की पुरानी शिकायत का भी उल्लेख

शिकायतकर्ताओं ने आवेदन में वर्ष 2025 की एक पुरानी घटना का भी उल्लेख किया है। रवि साहू का दावा है कि उस समय भी गुलाम मेमन की ओर से उनके खिलाफ शिकायत की गई थी, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। उनका आरोप है कि इस घटना से उनके पिता को मानसिक आघात पहुंचा और उसी रात उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई। इस दावे की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

तीनों आवेदकों ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप जांच में गलत पाए जाते हैं तो भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कथित झूठी शिकायत, ब्लैकमेलिंग और कानून के दुरुपयोग पर रोक लगाने की मांग भी की है।

फिलहाल मामला दोनों पक्षों की शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप के बीच है। गुलाम मेमन पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और उपलब्ध दस्तावेज, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग तथा अन्य साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।