IGKV में B.Sc. सेकंड ईयर का Entomology पेपर रद्द, पेपर वायरल होने के आरोप पर NSUI का आंदोलन कल

रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में B.Sc. सेकंड ईयर के Entomology विषय की परीक्षा रद्द कर दी गई है। NSUI ने आरोप लगाया है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र WhatsApp ग्रुप में वायरल हुआ, जिसके बाद छात्रों में नाराजगी है। संगठन ने मामले में दोषियों पर कार्रवाई, छात्रों के यात्रा खर्च की भरपाई और विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर IGKV घेराव की घोषणा की है।

Aug 21, 2026 - 10:33
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IGKV में B.Sc. सेकंड ईयर का Entomology पेपर रद्द, पेपर वायरल होने के आरोप पर NSUI का आंदोलन कल

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में B.Sc. सेकंड ईयर के Entomology विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले WhatsApp ग्रुप में वायरल होने के आरोप के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई है। प्रश्नपत्र के कथित तौर पर परीक्षा से पहले वायरल होने की जानकारी सामने आने के बाद छात्रों में नाराजगी का माहौल है। मामले को लेकर अब छात्र संगठन NSUI ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है।

NSUI का आरोप है कि Entomology का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले ही WhatsApp ग्रुप में वायरल हो गया था। प्रश्नपत्र के वायरल होने की सूचना सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित परीक्षा को रद्द कर दिया। परीक्षा रद्द होने से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। संगठन का कहना है कि परीक्षा देने के लिए विद्यार्थियों को आने-जाने में खर्च करना पड़ा, ऐसे में उनकी आर्थिक परेशानी को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

मामले को लेकर NSUI ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पूरे प्रकरण में जवाबदेही तय करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले बाहर कैसे पहुंचा, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए।

NSUI ने इस मामले में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति और परीक्षा प्रभारी की जवाबदेही तय करने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि परीक्षा से संबंधित गोपनीय व्यवस्था में यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। NSUI ने कुलपति के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।

NSUI की ओर से विद्यार्थियों के हित में यह मांग भी रखी गई है कि परीक्षा रद्द होने के कारण छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए आने-जाने में जो अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा, उसकी भरपाई की जाए। संगठन का कहना है कि प्रश्नपत्र वायरल होने के मामले का असर सीधे विद्यार्थियों पर पड़ा है और विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी परेशानियों का समाधान करना चाहिए।

मामले को लेकर NSUI द्वारा कल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का घेराव करने की घोषणा की गई है। संगठन का कहना है कि आंदोलन के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन से पेपर लीक के आरोपों की जांच, दोषियों पर कार्रवाई, छात्रों के खर्च की भरपाई और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की जाएगी।

NSUI अध्यक्ष पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर पुनेश्वर लहरे ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े परीक्षा प्रकरण में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि प्रश्नपत्र वायरल होने की घटना से छात्रों के बीच परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। संगठन चाहता है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

फिलहाल Entomology विषय की परीक्षा रद्द की जा चुकी है। अब मामले में आगे की कार्रवाई और जांच विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से किस स्तर पर की जाती है, इस पर विद्यार्थियों और छात्र संगठनों की नजर बनी हुई है। NSUI ने स्पष्ट किया है कि छात्रों के हित और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।