मनरेगा का स्वरूप बदलकर मजदूरों के अधिकार खत्म किए जा रहे हैं: दीपक बैज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर मनरेगा के मूल उद्देश्य को खत्म करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि योजना में रोजगार की बजाय निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे मजदूरों को मिलने वाला रोजगार प्रभावित होगा। कांग्रेस ने सरकार से मनरेगा के तहत दिए गए रोजगार का आंकड़ा सार्वजनिक करने की मांग की है।

Aug 7, 2026 - 16:50
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मनरेगा का स्वरूप बदलकर मजदूरों के अधिकार खत्म किए जा रहे हैं: दीपक बैज

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मनरेगा के स्वरूप में किए जा रहे बदलावों को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार मनरेगा के मूल उद्देश्य को बदल रही है और अब योजना में रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उनका दावा है कि इससे ग्रामीण मजदूरों के रोजगार के अवसर कम होंगे और योजना का वास्तविक उद्देश्य प्रभावित होगा।

दीपक बैज ने कहा कि मनरेगा की शुरुआत ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को रोजगार की कानूनी गारंटी देने के उद्देश्य से की गई थी। लेकिन वर्तमान में सरकार द्वारा स्कूलों में शौचालय, मुक्तिधाम और अन्य निर्माण कार्यों को योजना में शामिल किए जाने से मजदूरों की भागीदारी कम होगी, जबकि निर्माण सामग्री और मशीनों पर अधिक खर्च किया जाएगा। उनका कहना है कि इससे मजदूरी पर होने वाला व्यय घटेगा और योजना का स्वरूप बदल जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा को अप्रत्यक्ष रूप से कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उनके अनुसार, योजना का नाम और कार्यप्रणाली बदलने के बाद अब इसकी प्राथमिकताओं में भी परिवर्तन किया जा रहा है, जिससे रोजगार सृजन की अवधारणा प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि यदि योजना में मशीनों और निर्माण सामग्री का उपयोग बढ़ता है तो ग्रामीण श्रमिकों को मिलने वाले रोजगार के अवसर स्वतः कम हो जाएंगे।

दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मनरेगा के माध्यम से हर वर्ष बड़ी संख्या में कार्य दिवस सृजित किए जाते थे, जिससे लाखों ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिलता था। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रदेश के अधिकांश गांवों में मनरेगा के कार्य प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में मजदूरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रोजगार नहीं मिलने के कारण कई परिवार पलायन करने के लिए मजबूर हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन मनरेगा मजदूरी में अपेक्षित वृद्धि नहीं की गई है। उनका कहना है कि सरकार मजदूरों के हितों की अनदेखी कर रही है और योजना की मूल भावना को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण गरीबों के लिए यह योजना आजीविका का महत्वपूर्ण माध्यम रही है और इसे उसी उद्देश्य के अनुरूप संचालित किया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश में वर्तमान समय में किन-किन स्थानों पर मनरेगा के कार्य संचालित हो रहे हैं, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही पिछले दो वर्षों में मनरेगा के तहत कितने लोगों को रोजगार दिया गया और कितने कार्य दिवस सृजित किए गए, इसका विस्तृत विवरण भी जारी किया जाए। कांग्रेस का कहना है कि इससे योजना की वास्तविक स्थिति जनता के सामने स्पष्ट हो सकेगी। वहीं इस पूरे मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है और आने वाले समय में इस विषय पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।