Bastar News Update: फर्जी प्रमाण पत्र से CISF में नौकरी से लेकर पोलावरम बैकवॉटर सर्वे की मांग तक, पढ़ें बस्तर की प्रमुख खबरें
बस्तर संभाग में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, फर्जी दस्तावेजों से CISF में भर्ती के आरोपी की गिरफ्तारी, नगरनार स्टील प्लांट के साथ सहायक उद्योगों की मांग, सड़क हादसे में बच्चे की मौत पर मुआवजा, पोलावरम बैकवॉटर के वैज्ञानिक सर्वे की मांग और इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वैज्ञानिक निगरानी जैसे मुद्दे चर्चा में रहे।
UNITED NEWS OF ASIA. जगदलपुर। बस्तर संभाग में नक्सल गतिविधियों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सामान्य स्थिति को बनाए रखने को लेकर पुलिस स्तर पर समीक्षा का दौर जारी है। इसी बीच संभाग में फर्जी दस्तावेजों के जरिए CISF में भर्ती होने के आरोप में दंतेवाड़ा पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी सत्यम दीक्षित को राजस्थान के देवली से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने दंतेवाड़ा जिले के कथित फर्जी निवास और आय प्रमाण पत्र का इस्तेमाल CISF भर्ती प्रक्रिया में किया था। राजस्व अधिकारियों और तहसील कार्यालय से सत्यापन के दौरान दस्तावेजों को लेकर संदेह सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने राजस्थान पहुंचकर आरोपी को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
बस्तर में औद्योगिक विकास को लेकर नगरनार स्टील प्लांट के साथ सहायक उद्योगों की स्थापना का मुद्दा भी सामने आया है। बड़े संयंत्र के शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर छोटे, लघु और सहायक उद्योगों के विकास से रोजगार तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद जताई जाती रही है। क्षेत्र में पहले संचालित कई उद्योगों के बंद होने के बाद अब नए निवेश और स्थानीय प्रसंस्करण को लेकर चर्चा तेज है। व्यापार जगत की ओर से बड़ी परियोजनाओं के साथ छोटे और कुटीर उद्योगों को प्रोत्साहन देने की जरूरत बताई जा रही है।
जगदलपुर में सड़क हादसे में चार वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में प्रथम अपर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 28 लाख 66 हजार 40 रुपये मुआवजा निर्धारित किया है। मामला नवंबर 2025 में डिमरापाल के नाटखोलका पारा में हुए सड़क हादसे से जुड़ा है। दावे में मृत बच्चे के माता-पिता, भाई और बहन शामिल थे। अधिकरण ने संभावित आय का आकलन करते हुए बीमा कंपनी को निर्धारित राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान का आदेश दिया है। आदेश के अनुसार राशि आवेदकों के बैंक खातों में निर्धारित अवधि में जमा की जानी है।
सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र में पोलावरम परियोजना के संभावित बैकवॉटर प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक सर्वे की मांग उठी है। जिला भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नदी तटवर्ती गांवों और नगर क्षेत्र का तकनीकी सर्वे कराने की मांग की गई है। इसमें संभावित जलस्तर, बैकवॉटर की सीमा, प्रभावित होने वाले गांवों, कृषि भूमि, मकानों और सरकारी संपत्तियों का आकलन करने की बात कही गई है। जल संसाधन विशेषज्ञों और तकनीकी संस्थाओं से हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन कराने तथा संभावित प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे से जुड़े अधिकार सुरक्षित रखने की मांग भी रखी गई है।
बीजापुर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और निगरानी को मजबूत करने के लिए वन अमले को प्रशिक्षण दिया गया। एंटी-स्नेयर और टाइगर मॉनिटरिंग कार्यशाला में पगमार्क, स्कैट, स्क्रैच, किल साइट, ट्रेल वॉक और कैमरा ट्रैप के जरिए बाघों की निगरानी की जानकारी दी गई। मैदानी स्तर पर डेटा संग्रह, दस्तावेजीकरण और संभावित अवैध गतिविधियों की पहचान पर भी जोर दिया गया।
वहीं सुकमा के चिंतलनार क्षेत्र में शबरी नदी के एक टापू पर परिवार के संघर्ष की कहानी भी सामने आई है। पोलमपाड़ निवासी सोनारू राम यादव के अनुसार वर्ष 2018 में गांव छोड़ने के बाद उन्होंने नदी के बीच टापू पर रहना शुरू किया और वर्षों की मेहनत से जमीन को खेती योग्य बनाया। परिवार अब भी पेयजल, आवास, नाव और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। परिवार ने सरकारी सुविधाओं और बेहतर आवागमन की व्यवस्था की मांग की है।