वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत सरगीपारा में जागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को संरक्षण का संदेश

कोंडागांव के वन परिक्षेत्र दहीकोंगा अंतर्गत बनियागांव परिसर के उच्च प्राथमिक शाला सरगीपारा में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को वन्य प्राणियों के महत्व, संरक्षण, सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन की जानकारी दी गई। वन्यजीवों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने और संरक्षण में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने का संदेश दिया गया।

Oct 8, 2026 - 17:26
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वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत सरगीपारा में जागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को संरक्षण का संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l कोंडागांव जिले में वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में वन परिक्षेत्र दहीकोंगा अंतर्गत बनियागांव परिसर के उच्च प्राथमिक शाला सरगीपारा में वन्य प्राणी संरक्षण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों और स्कूली छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। इसका उद्देश्य वन्य प्राणियों के महत्व, उनकी सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और विद्यार्थियों को वन्य प्राणियों के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि वन्यजीव प्राकृतिक पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। जंगलों में वन्य प्राणियों की मौजूदगी प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में वन्यजीवों की सुरक्षा केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें स्थानीय समुदाय और आम नागरिकों की सहभागिता भी जरूरी है।

जागरूकता कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को वन्य प्राणियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने का संदेश दिया गया। उन्हें समझाया गया कि जंगल या आसपास के क्षेत्रों में वन्यजीव दिखाई देने पर उनके साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए। वन्य प्राणियों को परेशान करने या उनके प्राकृतिक आवास में अनावश्यक हस्तक्षेप करने से मानव और वन्यजीव दोनों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए वन्यजीवों के प्रति सावधानी और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में ग्रामीणों से भी वन्यजीव संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई। वन क्षेत्रों से जुड़े गांवों में रहने वाले लोगों की भूमिका वन्य प्राणियों और वन संपदा के संरक्षण में महत्वपूर्ण मानी जाती है। ग्रामीण यदि वन्यजीवों से संबंधित किसी गतिविधि या समस्या की जानकारी समय पर वन विभाग तक पहुंचाते हैं, तो संभावित घटनाओं से बचाव और वन्यजीवों की सुरक्षा में मदद मिल सकती है।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत बनियागांव की सरपंच शकिला पोयाम, वन प्रबंधन समिति बनियागांव के अध्यक्ष कार्तिक पोयाम, वार्ड पंच, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दहीकोंगा वन परिक्षेत्र के समस्त वन विभागीय स्टाफ की भी मौजूदगी रही। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों और विद्यार्थियों से संवाद करते हुए वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया।

कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में प्रकृति और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही ग्रामीणों को वन्य प्राणियों और वन संपदा के संरक्षण के लिए सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने का संदेश दिया गया। वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत आयोजित यह कार्यक्रम लोगों को वन्यजीवों के महत्व को समझने और उनके संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करने की दिशा में एक जागरूकता पहल के रूप में सामने आया।