12 मन लकड़ी जमा कर रखी थी, नाना पाटेकर ने सालों पहले बता दी थी अंतिम संस्कार की तैयारी; कहा था- सूखी लकड़ी में जलाना
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 को 75 वर्ष की उम्र में गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया। निधन के बाद उनका सितंबर 2023 का पुराना इंटरव्यू चर्चा में है, जिसमें उन्होंने अपने अंतिम संस्कार को लेकर बेहद सादगीपूर्ण अंदाज में बात की थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने 12 मन सूखी लकड़ी अपने लिए रखी है और अंतिम संस्कार में उसी लकड़ी का इस्तेमाल किया जाए।
UNITED NEWS OF ASIA. दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा में कार्डियक अरेस्ट के बाद निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। गोवा के डोना पाउला स्थित अपने आवास पर तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की करीब 45 मिनट की कोशिश के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मणिपाल अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार उन्हें सुबह करीब 5:20 बजे मृत घोषित किया गया। उनके निधन की खबर के बाद फिल्म जगत और उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनका करीब तीन साल पुराना एक इंटरव्यू भी चर्चा में आ गया है। सितंबर 2023 में फिल्म ‘द वैक्सीन वॉर’ के प्रमोशन के दौरान आज तक को दिए इंटरव्यू में नाना ने अपनी मौत और अंतिम संस्कार को लेकर खुलकर बात की थी। उस बातचीत में उन्होंने कहा था कि उन्हें मृत्यु पर विश्वास है और वह जानते हैं कि एक दिन उन्हें दुनिया से जाना ही है। उन्होंने अपनी अंतिम संपत्ति के तौर पर 12 मन लकड़ी का जिक्र किया था।
नाना पाटेकर ने उस इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए 12 मन लकड़ी पहले से रखी हुई है। उनकी इच्छा थी कि जब उनका अंतिम संस्कार हो तो उसी सूखी लकड़ी का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने गीली लकड़ी का इस्तेमाल नहीं करने की बात कही थी। उनके अनुसार गीली लकड़ी से धुआं ज्यादा होगा और अंतिम संस्कार में मौजूद लोगों की आंखों से पानी आने लगेगा।
नाना ने इसी बात को अपने खास बेबाक और मजाकिया अंदाज में आगे बढ़ाया था। उन्होंने कहा था कि अगर गीली लकड़ी के धुएं से लोगों की आंखों में आंसू आ गए तो उन्हें गलतफहमी हो सकती है कि लोग उनके लिए रो रहे हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि कम से कम मरते समय ऐसी गलतफहमी नहीं होनी चाहिए। उनका यह बयान अब उनके निधन के बाद सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों में फिर से चर्चा का विषय बन गया है।
नाना पाटेकर की यह सोच केवल अंतिम संस्कार तक सीमित नहीं थी। पुराने इंटरव्यू में उन्होंने जीवन की अस्थायी प्रकृति और मृत्यु की निश्चितता पर भी बात की थी। उनका मानना था कि इंसान जीवनभर कितना भी धन, संपत्ति और प्रसिद्धि जुटा ले, अंत में उसके साथ कुछ नहीं जाता। इसी विचार को उन्होंने 12 मन लकड़ी को अपनी ‘फाइनल प्रॉपर्टी’ बताते हुए बेहद सरल तरीके से व्यक्त किया था।
नाना पाटेकर के आखिरी घंटों की जानकारी के मुताबिक, उन्होंने रात में एक दोस्त को तबीयत खराब होने और सीने के बाईं ओर दर्द की जानकारी दी थी। बाद में उन्हें उनके गोवा स्थित आवास पर गंभीर हालत में पाया गया। एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। उनकी मौत की चिकित्सकीय और कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम की बात भी सामने आई है।
नाना पाटेकर का वह पुराना बयान अब उनके जीवन-दर्शन की एक अलग तस्वीर पेश कर रहा है। मौत को लेकर उनका बेबाक नजरिया और अंतिम संस्कार के लिए पहले से लकड़ी रखने की बात उनके सादगीपूर्ण और स्पष्ट व्यक्तित्व को दर्शाती है। उनके निधन के बाद उनका यह पुराना इंटरव्यू एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा में है।