CP से राजघाट की ओर निकला INDIA गठबंधन, खरगे बोले- सरकार जनता विरोधी; राहुल गांधी ने भी साधा निशाना

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA गठबंधन के नेताओं ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित लंच के बाद गठबंधन के नेता कनॉट प्लेस से राजघाट की ओर मार्च के लिए निकले। खरगे ने केंद्र सरकार पर जनता विरोधी कार्य करने का आरोप लगाया और कहा कि राजघाट जाकर वे महात्मा गांधी से सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना करेंगे। राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके साथ 300 से अधिक सांसद हैं और वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं।

Oct 8, 2026 - 16:33
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CP से राजघाट की ओर निकला INDIA गठबंधन, खरगे बोले- सरकार जनता विरोधी; राहुल गांधी ने भी साधा निशाना

UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर INDIA गठबंधन के नेताओं का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा विपक्षी गठबंधन के सांसदों के लिए आयोजित लंच के बाद INDIA गठबंधन के नेता कनॉट प्लेस से राजघाट की ओर मार्च के लिए रवाना हुए। विपक्षी दलों का कहना है कि वे चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।

लंच के बाद मीडिया से बातचीत में मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार जनता विरोधी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेता राजघाट जा रहे हैं, जहां महात्मा गांधी की समाधि पर प्रार्थना की जाएगी और सरकार को सद्बुद्धि देने की कामना की जाएगी। विपक्षी गठबंधन की ओर से इस मार्च को लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाने के रूप में पेश किया गया।

राजघाट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहले से मौजूद होने की बात भी सामने आई। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता यानी BNSS की धारा 163 लागू किए जाने की जानकारी दी गई, जिसके तहत पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहता है। ऐसे में विपक्षी नेताओं के प्रस्तावित मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान दावा किया कि उनके साथ 300 से अधिक सांसद हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना चाहता है। राहुल गांधी ने सरकार पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि संविधान को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उनके बयान के बाद प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, अमित शाह, नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार देश में अराजकता फैला रहे हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए प्रदर्शन कर रहा है और आम लोगों तथा मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना उसका सीधा उद्देश्य है। उन्होंने इस लड़ाई को कांग्रेस के लिए ‘करो या मरो’ की लड़ाई बताया।

INDIA गठबंधन के नेताओं का यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विपक्षी अभियान का हिस्सा है। विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया और मतदाताओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि सरकार और संबंधित संस्थाओं का पक्ष इस रिपोर्ट में शामिल नहीं है, इसलिए विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके राजनीतिक दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

कनॉट प्लेस से राजघाट तक प्रस्तावित मार्च के दौरान विपक्षी नेताओं ने लोकतंत्र, संविधान और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। खरगे ने महात्मा गांधी से सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की बात कही, जबकि राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन और लोकतांत्रिक अधिकारों की बात दोहराई। प्रदर्शन के जरिए INDIA गठबंधन ने केंद्र सरकार और चुनाव व्यवस्था के खिलाफ अपनी राजनीतिक नाराजगी दर्ज कराई।