धान उपार्जन केंद्र कुकदूर में 15 लाख के गबन का खुलासा, प्रभारी गिरफ्तार

कबीरधाम जिले के धान उपार्जन केंद्र कुकदूर में 15 लाख रुपये मूल्य के धान गबन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केंद्र प्रभारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अमानत में खयानत कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने का आरोप है।

Jan 19, 2026 - 15:59
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धान उपार्जन केंद्र कुकदूर में 15 लाख के गबन का खुलासा, प्रभारी गिरफ्तार

UNITED NEWS OF ASIA. जिला कबीरधाम | में आर्थिक अपराधों के विरुद्ध पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में धान उपार्जन केंद्र कुकदूर में हुए बड़े गबन प्रकरण का खुलासा करते हुए पुलिस ने केंद्र प्रभारी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक  धर्मेन्द्र सिंह (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  पुष्पेन्द्र बघेल तथा अमित पटेल के मार्गदर्शन में की गई।

मामले की विवेचना एसडीओपी पंडरिया  भूपत सिंह धनेश्री के पर्यवेक्षण में तथा थाना प्रभारी कुकदूर निरीक्षक  संग्राम सिंह के नेतृत्व में की गई।
दिनांक 16 जनवरी 2026 को जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, राजनांदगांव शाखा कुकदूर के प्रबंधक आलोक मिश्रा द्वारा थाना कुकदूर में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, विपणन वर्ष 2025-26 में धान उपार्जन केंद्र कुकदूर में दिनांक 20 नवंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 के बीच कुल 43,598 क्विंटल धान की खरीदी की गई थी। इसमें से 1,500 क्विंटल धान का उठाव किया गया था, जिसके बाद केंद्र में 42,098 क्विंटल धान शेष होना चाहिए था।
लेकिन संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन में केवल 41,470 क्विंटल धान ही उपलब्ध पाया गया। जांच में 628 क्विंटल पतला धान कम पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 15,00,292 रुपये आंकी गई।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि इस अवधि में अमित बाजपेयी, पिता स्व. सुरेश बाजपेयी, उम्र 43 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 10 बैरागपारा पंडरिया, जिला कबीरधाम, धान उपार्जन केंद्र कुकदूर का प्रभारी था। आरोपी द्वारा शासन की अमानत में खयानत कर गंभीर आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।

प्रकरण में थाना कुकदूर में अपराध क्रमांक 04/2026, धारा 318(4), 316(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान आवश्यक दस्तावेज जप्त किए गए, प्रार्थी एवं जांच दल के सदस्यों के कथन लिए गए तथा आरोपी से गहन पूछताछ की गई।

पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर दिनांक 19 जनवरी 2026 को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे रिमांड पर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक 245 वीरेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान आरक्षक 262 मनोज तिवारी एवं आरक्षक 503 संदीप पाण्डेय का विशेष योगदान रहा।