अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए हाल ही में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने टीकाकरण कार्यक्रम की रूपरेखा और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 वर्ष से अधिक और 15 वर्ष से कम आयु की बालिकाओं को इस अभियान के तहत टीकाकरण किया जाएगा। यह टीकाकरण जिले के चिन्हांकित शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में किया जाएगा, जहां मेडिकल ऑफिसर पदस्थ हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14-15 वर्ष की बालिकाओं का चिन्हांकन, उनके पालकों को जानकारी देना और टीकाकरण के लिए आवश्यक सहमति प्राप्त करना महत्वपूर्ण कार्य होंगे। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ती एक गंभीर समस्या है, इसलिए यह टीकाकरण कार्यक्रम बालिकाओं को भविष्य में इस बीमारी से सुरक्षा प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि जिले की हर पात्र बालिका तक इस अभियान का लाभ पहुंचाया जाना चाहिए।
सीएमएचओ डॉ. डी.के. तुरे ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्व स्तर पर प्रतिवर्ष लगभग 74 हजार से 77 हजार महिलाओं की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर के कारण होती है, जिसमें से लगभग एक-तिहाई मौतें भारत में दर्ज की जाती हैं। उन्होंने बताया कि करीब 48 प्रतिशत मामलों को समय रहते पहचान कर बचाया जा सकता है, लेकिन 50 से 60 प्रतिशत मामलों की पहचान बीमारी के अंतिम चरण में होती है। ऐसे में एचपीवी वैक्सीन इस गंभीर बीमारी से बचाव का एक प्रभावी माध्यम है।
टीकाकरण के दौरान आधार कार्ड के आधार पर आयु का निर्धारण किया जाएगा। बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की 0.5 एमएल की सिंगल डोज दी जाएगी, जिसे बायीं ऊपरी बांह में लगाया जाएगा। टीकाकरण के बाद तर्जनी उंगली में मार्किंग की जाएगी और लाभार्थियों को आधे घंटे तक स्वास्थ्य केंद्र में निगरानी के लिए रुकना होगा। इसके बाद उन्हें टीकाकरण कार्ड प्रदान किया जाएगा।
इस अभियान के सफल संचालन के लिए शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा। इन विभागों के माध्यम से स्कूलों में अध्ययनरत तथा स्कूल छोड़ चुकी बालिकाओं तक पहुंच बनाकर उन्हें टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
जिले के चिन्हांकित स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित तिथियों पर चिकित्सकों की उपस्थिति में सहमति प्राप्त होने के बाद बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने इस अभियान को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करते हुए अधिक से अधिक बालिकाओं को टीकाकरण से जोड़ने का लक्ष्य रखा है, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।