कवर्धा जिला अस्पताल में प्रसव सुविधाओं का विस्तार, अक्टूबर में 413 सफल प्रसव
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में कवर्धा जिला अस्पताल में मातृ-शिशु चिकित्सा सुविधाओं का निरंतर विकास हुआ है। अक्टूबर 2025 में अस्पताल में रिकॉर्ड 413 प्रसव हुए। पड़ोसी जिलों और मध्यप्रदेश से भी मरीज बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए आए।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में कवर्धा जिला अस्पताल में मातृ-शिशु चिकित्सा सुविधाओं का निरंतर विकास किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप जिला अस्पताल में प्रसवों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोगों का विश्वास भी इस अस्पताल पर मजबूत हुआ है। हाल ही में अक्टूबर 2025 में अस्पताल में सर्वाधिक 413 प्रसव दर्ज किए गए। नवंबर 2025 में भी 400 प्रसव हुए, जिससे अस्पताल प्रदेश में रात्रि प्रसव में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है।
कवर्धा जिला अस्पताल में न केवल स्थानीय बल्कि पड़ोसी जिलों खैरागढ़, छुईखदान, गंडई, बेमेतरा और मुंगेली के साथ मध्यप्रदेश के मंडला और बालाघाट जिलों से भी मरीज बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के लिए आते हैं। जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. केशव ध्रुव ने बताया कि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में चिकित्सकों की नियुक्ति, नवीन उपकरण, लैब और भवन सुविधाओं का विस्तार किया गया है। इसके साथ ही महिला रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता से भी प्रसव की संख्या में इजाफा हुआ है।
डॉ. जितेंद्र वर्मा के नेतृत्व में रात्रि कालीन सिजेरियन ऑपरेशन में जिला अस्पताल को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जनवरी 2025 से अब तक कुल 1331 सफल सिजेरियन ऑपरेशन किए जा चुके हैं। मरीजों और उनके परिवारों ने अस्पताल की सुविधाओं और चिकित्सक सहयोग की सराहना की।
खैरागढ़, गंडई, बेमेतरा और मध्यप्रदेश के बालाघाट से आए मरीजों ने बताया कि उन्हें बड़े शहरों के महंगे उपचार के बजाय कवर्धा जिला अस्पताल में कम खर्च में सुरक्षित और उत्कृष्ट प्रसव सुविधा मिली। अस्पताल में प्रसव कराने आए सभी मरीजों और उनके नवजात बच्चों की स्थिति पूरी तरह स्वस्थ है।
जिला अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक उपकरण और प्रशिक्षित चिकित्सकों की उपलब्धता से कवर्धा जिला अस्पताल मातृ-शिशु स्वास्थ्य क्षेत्र में पड़ोसी जिलों और राज्य की सीमाओं में भी आकर्षक केंद्र बन गया है। इससे क्षेत्र में प्रसव संबंधी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है और आम जनता का स्वास्थ्य सेवा पर विश्वास और मजबूत हुआ है।