गैंगरेप, हत्या और लूट मामले में 3 साल बाद फैसला, दो दोषियों को आजीवन कारावास

जांजगीर-चांपा के यादव चौक इलाके में 2023 में हुई युवती से सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और लूट के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत ने रोहन पांडू और राजेंद्र सूर्या को अलग-अलग धाराओं में चार-चार बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही विभिन्न धाराओं में अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन ने 22 गवाहों के बयान और दस्तावेजी व फॉरेंसिक साक्ष्य पेश किए थे।

Aug 19, 2026 - 13:44
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गैंगरेप, हत्या और लूट मामले में 3 साल बाद फैसला, दो दोषियों को आजीवन कारावास

UNITED NEWS OF ASIA. जांजगीर-चांपा l जांजगीर-चांपा के यादव चौक इलाके में तीन साल पहले हुई युवती से सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और लूट के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश मुकेश कुमार तिवारी की अदालत ने मामले में आरोपी रोहन पांडू और राजेंद्र सूर्या को दोषी ठहराते हुए अलग-अलग धाराओं में चार-चार बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों पर विभिन्न धाराओं के तहत अर्थदंड भी लगाया है। फैसले में एक आजीवन कारावास की सजा को ताउम्र जेल में रहने के रूप में बताया गया है।

मामला 12 फरवरी 2023 की रात का है। अभियोजन के अनुसार, युवती के माता-पिता काम के सिलसिले में कोरबा गए हुए थे और घर में भाई-बहन मौजूद थे। रात के समय युवती का भाई दूसरे कमरे में सो गया था। आरोप है कि दोनों आरोपियों ने पहले उसके खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। भाई के बेहोश होने के बाद कमरे को बाहर से बंद कर दिया गया और आरोपी घर में दाखिल हुए। इसके बाद युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और वारदात के बाद उसकी हत्या कर दी गई।

अगली सुबह युवती के पिता ने अपने बच्चों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन दोनों से बात नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने चौकीदार को घर भेजकर बच्चों की जानकारी लेने को कहा। चौकीदार जब घर पहुंचा तो युवती का भाई एक कमरे में बंद मिला, जबकि दूसरे कमरे में उसकी बहन बेसुध अवस्था में मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी घर से सोने-चांदी के जेवर, मोबाइल फोन और स्कूटी लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए लूटे गए सामान और स्कूटी को बरामद किया। फरार आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी रोहन पांडू को 48 घंटे के भीतर कवर्धा के कुंडा बाजार से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद दूसरे आरोपी राजेंद्र सूर्या को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके अलावा दस्तावेजी और फॉरेंसिक साक्ष्यों को भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियोजन द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी माना।

दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(डी), 394, 449, 34 और 302 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इन धाराओं में सामूहिक दुष्कर्म, लूट के दौरान चोट पहुंचाना, घर में गंभीर अपराध की नीयत से प्रवेश, साझा आपराधिक मंशा और हत्या जैसे आरोप शामिल थे। अदालत ने सभी संबंधित अपराधों में दोनों को दोषी ठहराते हुए अलग-अलग सजा सुनाई।

फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों दोषियों को अलग-अलग अपराधों में चार-चार बार आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 50 हजार रुपये के अर्थदंड समेत विभिन्न धाराओं में अलग-अलग जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के इस फैसले को 2023 में हुई इस गंभीर वारदात में न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।