ICC ने श्रीलंका से छीनी महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी, भारत को मिल सकती है जिम्मेदारी
ICC ने 2027 की शुरुआत में पहली बार होने वाली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी श्रीलंका से वापस लेने का फैसला किया है। क्रिकेट बोर्ड के कामकाज में सरकारी और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर ICC और श्रीलंका सरकार के बीच विवाद इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है। टूर्नामेंट अब किसी दूसरे देश में आयोजित किया जाएगा और नए मेजबान का ऐलान अक्टूबर में होने वाली ICC बोर्ड बैठक में संभव है। भारत को नए मेजबान के लिए प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। छह टीमों की यह प्रतियोगिता 14 से 18 फरवरी 2027 के बीच प्रस्तावित है।
UNITED NEWS OF ASIA. श्रीलंका क्रिकेट से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। 2027 की शुरुआत में पहली बार आयोजित होने वाली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी अब श्रीलंका में नहीं होगी। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी ICC ने श्रीलंका से इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट की मेजबानी वापस लेने का फैसला किया है। क्रिकेट प्रशासन में सरकारी और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर ICC और श्रीलंका सरकार के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद इसका प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
श्रीलंका को पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी सौंपी गई थी, लेकिन अब इस प्रतियोगिता को किसी दूसरे देश में स्थानांतरित किया जाएगा। फिलहाल ICC की ओर से नए मेजबान देश का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि, भारत को इस टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। नए मेजबान के नाम पर अक्टूबर में होने वाली ICC की अगली बोर्ड बैठक में फैसला लिया जा सकता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के कामकाज में सरकारी और राजनीतिक हस्तक्षेप लंबे समय से ICC की चिंता का विषय रहा है। ICC के नियमों के तहत सदस्य देशों के क्रिकेट बोर्ड को सरकारी दबाव से स्वतंत्र होकर अपने प्रशासनिक और क्रिकेट संबंधी फैसले लेने में सक्षम होना चाहिए। ICC की ओर से श्रीलंका को क्रिकेट प्रशासन से जुड़े मुद्दों में सुधार करने के लिए कई बार कहा गया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच विवाद का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं होने के बाद ICC ने सख्त कदम उठाते हुए महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी श्रीलंका से वापस लेने का फैसला किया। श्रीलंका क्रिकेट के अधिकारी प्रकाश शैफ्टर ने भी पुष्टि की है कि टूर्नामेंट अब श्रीलंका में आयोजित नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि प्रतियोगिता को किसी अन्य देश में स्थानांतरित किया जाएगा और आयोजन के निर्धारित समय में बदलाव की फिलहाल कोई जानकारी नहीं है।
पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी छह टीमों के बीच खेली जानी है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार यह प्रतियोगिता 14 से 18 फरवरी 2027 के बीच आयोजित की जाएगी। मेजबान देश बदलने के बावजूद टूर्नामेंट को तय समय के आसपास आयोजित करने की योजना है। नए आयोजन स्थल को लेकर अंतिम फैसला ICC की आगामी बोर्ड बैठक में होने की संभावना है।
भारत को मेजबानी मिलने की संभावना के बीच श्रीलंका की महिला टीम के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है। टूर्नामेंट में मेजबान देश के अलावा ICC रैंकिंग के आधार पर शीर्ष टीमों को खेलने का मौका मिलना है। श्रीलंका की महिला टीम फिलहाल रैंकिंग में छठे स्थान पर बताई जा रही है। ऐसे में मेजबानी गंवाने के बाद टीम के लिए सीधे क्वालीफाई करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यदि श्रीलंका निर्धारित शीर्ष रैंकिंग वाली टीमों में जगह नहीं बना पाता है, तो उसे इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ सकता है।
श्रीलंका क्रिकेट के लिए यह पहला ऐसा मामला नहीं है जब प्रशासन में सरकारी हस्तक्षेप के कारण किसी बड़े ICC टूर्नामेंट की मेजबानी प्रभावित हुई हो। इससे पहले 2023 में भी श्रीलंका से 2024 पुरुष अंडर-19 विश्व कप की मेजबानी वापस ली गई थी। उस समय टूर्नामेंट को दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया गया था।
अब महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी जाने के बाद श्रीलंका क्रिकेट के सामने अपने प्रशासनिक ढांचे को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ICC के साथ संबंधों को बेहतर बनाने और क्रिकेट बोर्ड की स्वतंत्रता को लेकर उठ रही चिंताओं का समाधान करना श्रीलंका के लिए महत्वपूर्ण होगा। वहीं भारत की संभावित मेजबानी से देश में महिला क्रिकेट के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर आ सकता है। अंतिम फैसला ICC की बोर्ड बैठक में ही होने की उम्मीद है।