मसालों को लंबे समय तक फ्रेश रखने के लिए अपनाएं ये आसान तरीके, स्वाद और खुशबू रहेगी बरकरार
भारतीय रसोई में मसालों का इस्तेमाल रोजाना किया जाता है, लेकिन गलत तरीके से स्टोर करने पर उनका स्वाद, रंग और खुशबू कम हो सकती है। गर्मी, नमी, हवा और तेज रोशनी मसालों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। मसालों को फ्रेश रखने के लिए उन्हें ठंडी और सूखी जगह पर एयरटाइट कंटेनर में रखना चाहिए। सूखे चम्मच का इस्तेमाल करने, जरूरत के मुताबिक ही मसाले खरीदने और समय-समय पर उनकी गुणवत्ता जांचने से मसालों को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रखा जा सकता है।
UNITED NEWS OF ASIA. भारतीय रसोई में मसालों की अपनी खास जगह है। हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, जीरा, गरम मसाला और कई तरह के साबुत मसाले खाने के स्वाद, रंग और खुशबू को बेहतर बनाते हैं। रोजाना इस्तेमाल होने के कारण इन्हें लंबे समय तक घर में रखा जाता है, लेकिन अगर मसालों को सही तरीके से स्टोर न किया जाए तो उनकी गुणवत्ता धीरे-धीरे कम हो सकती है। नमी, गर्मी, हवा और तेज रोशनी के संपर्क में आने से मसालों का स्वाद और खुशबू प्रभावित हो सकती है। कुछ आसान सावधानियों को अपनाकर मसालों को लंबे समय तक बेहतर स्थिति में रखा जा सकता है।
मसालों को स्टोर करते समय सबसे पहले जगह का ध्यान रखना चाहिए। कई घरों में मसालों के डिब्बे गैस चूल्हे के ठीक पास रखे जाते हैं ताकि खाना बनाते समय उन्हें आसानी से इस्तेमाल किया जा सके। हालांकि लगातार निकलने वाली गर्मी और भाप मसालों की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए मसालों के डिब्बों को चूल्हे, ओवन और ऐसी जगहों से दूर रखना बेहतर है जहां लगातार गर्मी रहती हो। किचन की ठंडी और सूखी अलमारी मसालों के लिए ज्यादा उपयुक्त जगह हो सकती है।
मसालों को फ्रेश रखने के लिए नमी से बचाना बेहद जरूरी है। गीले चम्मच से मसाला निकालने या भाप वाली जगह पर डिब्बा खोलने से उसके अंदर नमी पहुंच सकती है। खासतौर पर पाउडर वाले मसालों में नमी जाने पर गांठें बनने लगती हैं और उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए मसाला निकालने के लिए हमेशा साफ और पूरी तरह सूखे चम्मच का इस्तेमाल करना चाहिए। इस्तेमाल के बाद कंटेनर का ढक्कन अच्छी तरह बंद करना भी जरूरी है।
एयरटाइट कंटेनर मसालों को सुरक्षित रखने में काफी मददगार हो सकते हैं। मसालों को पैकेट खुलने के बाद लंबे समय तक उसी पैकिंग में रखने के बजाय अच्छी गुणवत्ता वाले एयरटाइट कंटेनर में रखा जा सकता है। कांच या फूड-ग्रेड कंटेनर इसके लिए उपयोगी विकल्प हैं। एयरटाइट डिब्बे में रखने से हवा और नमी का संपर्क कम होता है और मसालों की खुशबू लंबे समय तक बनी रहने में मदद मिल सकती है।
अलग-अलग मसालों की पहचान आसानी से करने के लिए कंटेनर पर उनका नाम लिखना भी उपयोगी है। खासकर जब सभी डिब्बे एक जैसे हों, तब लेबलिंग से सही मसाला निकालना आसान हो जाता है। पारदर्शी डिब्बों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, लेकिन उन्हें सीधे तेज धूप में नहीं रखना चाहिए। लंबे समय तक तेज रोशनी के संपर्क में रहने से कुछ मसालों के रंग और गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है।
मसालों को लंबे समय तक अच्छा रखने के लिए जरूरत से ज्यादा स्टॉक करने से भी बचना चाहिए। बहुत अधिक मात्रा में पाउडर मसाले खरीदकर लंबे समय तक रखने पर उनकी खुशबू और स्वाद धीरे-धीरे कम हो सकते हैं। घर में जितनी मात्रा में किसी मसाले की खपत होती है, उसी हिसाब से खरीदारी करना बेहतर विकल्प है। इससे मसाले पुराने होने से पहले इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
इसके अलावा किचन में रखे मसालों की समय-समय पर जांच करते रहना चाहिए। अगर किसी मसाले की खुशबू काफी कम हो गई है, रंग में असामान्य बदलाव दिखाई दे रहा है या उसमें नमी और खराब होने के संकेत नजर आ रहे हैं, तो उसका इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। पुराने और नए मसालों को एक ही कंटेनर में मिलाने के बजाय पहले पुराने मसाले को इस्तेमाल करना बेहतर रहता है।
इन आसान तरीकों को अपनाकर मसालों के स्वाद, रंग और खुशबू को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है। सही स्टोरेज से मसालों की गुणवत्ता बेहतर रहती है और किचन भी ज्यादा व्यवस्थित नजर आता है।