दुर्ग ग्रामीण की निकुम पंचायत का 35 लाख बिजली बिल बकाया, विभाग ने काटी बिजली

दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत निकुम में करीब 30 से 35 लाख रुपये के बिजली बिल बकाया होने के चलते विद्युत विभाग ने पंचायत भवन का बिजली कनेक्शन काट दिया। बिजली कटने से पंचायत के कंप्यूटर और जनहित से जुड़े काम प्रभावित हुए हैं। सरपंच ने बिना पूर्व नोटिस बिजली काटने का आरोप लगाया है, जबकि जनपद पंचायत के सीईओ ने बताया कि नल जल योजना के बिजली बिल भुगतान से जुड़े शासन के नियम वर्ष 2022 में बदल गए थे।

Sep 1, 2026 - 17:26
 0  2
दुर्ग ग्रामीण की निकुम पंचायत का 35 लाख बिजली बिल बकाया, विभाग ने काटी बिजली

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत निकुम में बिजली बिल का बड़ा बकाया पंचायत के लिए परेशानी का कारण बन गया है। करीब 30 से 35 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने के चलते विद्युत विभाग ने पंचायत भवन का बिजली कनेक्शन काट दिया है। बिजली आपूर्ति बंद होने से पंचायत भवन में लगे कंप्यूटर और जनहित से जुड़े कई काम प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों को रोजमर्रा के प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बताया गया है कि पंचायत का पिछले करीब आठ से दस वर्षों का बिजली बिल बकाया है। इसमें पंचायत भवन के साथ नल जल योजना के पंप हाउस से संबंधित बिजली बिल भी शामिल है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण बकाया राशि बढ़कर करीब 30 से 35 लाख रुपये तक पहुंच गई है।

बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद ग्राम पंचायत निकुम के सरपंच भागवत पटेल ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अचानक बिजली बंद होने से पंचायत के सभी जरूरी काम प्रभावित हो गए हैं। पंचायत भवन में कंप्यूटर से होने वाले काम के साथ जनता से जुड़े कार्य भी बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण रुक गए हैं।

सरपंच भागवत पटेल के अनुसार पंचायत को लगातार यह जानकारी दी जाती रही थी कि बिजली बिल का भुगतान शासन स्तर से किया जाएगा। उनका कहना है कि पिछले आठ से दस वर्षों से इसी व्यवस्था के भरोसे बिल का भुगतान लंबित रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिजली कनेक्शन काटने से पहले पंचायत को चार से आठ दिन का नोटिस दिया जाना चाहिए था, लेकिन बिना पूर्व सूचना के बिजली काट दी गई।

वहीं जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ ने बिजली बिल बकाया होने के पीछे शासन के नियमों में हुए बदलाव को प्रमुख कारण बताया है। उनके अनुसार 30 मार्च 2016 के आदेश के तहत नल जल योजना का बिजली बिल शासन स्तर से भुगतान किया जाता था। बाद में 30 मार्च 2022 के आदेश के माध्यम से इस व्यवस्था को निरस्त कर दिया गया।

नियम में बदलाव के बाद नल जल योजना से जुड़े बिजली बिलों का भुगतान ग्राम पंचायतों को स्वयं करना है। सीईओ के अनुसार अब ग्राम स्वराज पोर्टल के माध्यम से PFMS और DSC की प्रक्रिया के जरिए पंचायतों को बिजली बिल का भुगतान करना होता है। व्यवस्था में बदलाव के कारण कई पंचायतों में बिजली बिल के भुगतान को लेकर समस्या सामने आई है।

जनपद पंचायत दुर्ग के सीईओ ने बताया कि जिले की कई पंचायतों से बिजली कनेक्शन काटे जाने को लेकर शिकायतें और फोन प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने मामले के समाधान के लिए उच्च अधिकारियों से चर्चा करने की बात कही है। निकुम पंचायत की समस्या के निराकरण के लिए भी जल्द आवश्यक पहल किए जाने की उम्मीद है।

बिजली कटने का सीधा असर पंचायत भवन में संचालित जनहित के कार्यों पर पड़ा है। ग्रामीणों को प्रमाण पत्र बनवाने और पंचायत से जुड़े अन्य जरूरी कामों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में पंचायत के बकाया बिजली बिल और कनेक्शन बहाली का मुद्दा ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण बन गया है।

एक ओर ग्राम पंचायत पर वर्षों से लाखों रुपये का बिजली बिल बकाया है, वहीं दूसरी ओर विद्युत विभाग की कार्रवाई के बाद पंचायत भवन की बिजली आपूर्ति बंद हो गई है। शासन के नियमों में बदलाव, लंबित भुगतान और वर्तमान कार्रवाई के बीच अब पंचायत और प्रशासन के सामने बकाया राशि के समाधान के साथ ग्रामीणों के जरूरी काम जल्द शुरू कराने की चुनौती है।