ई-रिक्शा चालक सरिता वर्मा के रिक्शे में बैठे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, श्रमिक महिलाओं का बढ़ाया उत्साह

राजनांदगांव में आयोजित श्रमिक सम्मेलन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ई-रिक्शा चालक सरिता वर्मा के ई-रिक्शा में बैठकर स्पीकर हाउस पहुंचे। उन्होंने महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की सराहना करते हुए श्रमिक महिलाओं का उत्साहवर्धन किया और हितग्राही उषा साहू से संवाद कर शिक्षा जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

Aug 1, 2026 - 12:46
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ई-रिक्शा चालक सरिता वर्मा के रिक्शे में बैठे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, श्रमिक महिलाओं का बढ़ाया उत्साह

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह,रायपुर l विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का प्रेरक संदेश देते हुए राजनांदगांव में आयोजित श्रमिक सम्मेलन के दौरान ई-रिक्शा चालक सरिता वर्मा के ई-रिक्शा में बैठकर स्पीकर हाउस तक सफर किया। इस दौरान सरिता वर्मा के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने इस पहल के माध्यम से श्रमिक महिलाओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का परिचय दे रही हैं।

पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित श्रमिक सम्मेलन में विभिन्न योजनाओं की महिला हितग्राहियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के बाद डॉ. रमन सिंह ने नया ढाबा योजना की हितग्राही और ई-रिक्शा चालक सरिता वर्मा के ई-रिक्शा में बैठकर स्पीकर हाउस के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुर्गा प्रसाद अधिकारी और सुमीत उपाध्याय भी उनके साथ मौजूद रहे।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में महिलाएं केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा, रोजगार, परिवहन, प्रशासन और विमानन जैसे अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं आज साइकिल, मोटरसाइकिल, कार और ई-रिक्शा चलाने से लेकर पायलट बनकर विमान उड़ाने तक हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। यह बदलते समाज और महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास का सकारात्मक संकेत है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है। श्रमिक सम्मेलन में भी कई महिला हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि योजनाओं से उन्हें स्वरोजगार के अवसर मिले हैं।

सम्मेलन के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने एक अन्य ई-रिक्शा चालक उषा साहू से भी बातचीत की। उन्होंने उनकी शिक्षा के बारे में जानकारी लेते हुए दसवीं कक्षा के बाद भी पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। डॉ. रमन सिंह ने उषा साहू के पति भावेश साहू से भी बातचीत की और पूछा कि पत्नी के ई-रिक्शा चलाने पर उन्हें किसी प्रकार की चिंता तो नहीं होती। इस पर भावेश साहू ने बताया कि उन्होंने स्वयं अपनी पत्नी को ई-रिक्शा चलाना सिखाया है और वे उन्हें लगातार प्रोत्साहित करते हैं। उनका मानना है कि इससे परिवार आर्थिक रूप से मजबूत होगा और भविष्य के लिए बचत भी हो सकेगी।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ने से परिवार के साथ-साथ समाज और प्रदेश का भी समग्र विकास होता है। उन्होंने श्रमिक महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही सशक्त समाज की पहचान है और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए निरंतर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और हितग्राहियों ने भी शासन की योजनाओं से मिले लाभों की जानकारी साझा की। सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि सरकार की जनहितकारी योजनाओं से प्रदेश में सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी तथा महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका और बेहतर अवसर उपलब्ध होते रहेंगे।