दंतेवाड़ा वन विभाग कार्यालय के बाहर खराब हालत में मिला तिरंगा, राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान पर उठे सवाल

दंतेवाड़ा में वन विभाग कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगे राष्ट्रीय ध्वज खराब अवस्था में पाए गए। तिरंगे की स्थिति को लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं। रेंजर ने इसे अनजाने में हुई चूक बताते हुए कहा कि यह स्थिति पहले से बनी हुई थी।

Aug 4, 2026 - 11:20
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दंतेवाड़ा वन विभाग कार्यालय के बाहर खराब हालत में मिला तिरंगा, राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान पर उठे सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी, दंतेवाड़ा l जिला मुख्यालय स्थित विधायक बंगले के सामने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वन परिक्षेत्र कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की खराब स्थिति सामने आने के बाद राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कार्यालय के मुख्य गेट के दोनों ओर लगाए गए तिरंगे क्षतिग्रस्त और असम्मानजनक स्थिति में दिखाई दिए, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्यालय के प्रवेश द्वार पर लगे एक तिरंगे का कपड़ा नीचे की ओर झुका हुआ लटक रहा था, जबकि दूसरा तिरंगा मौसम के प्रभाव से फीका पड़ चुका था और उसका कपड़ा भी खराब अवस्था में दिखाई दे रहा था। राष्ट्रीय ध्वज की ऐसी स्थिति को लेकर लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर प्रश्न उठाए हैं।

यह कार्यालय जिले के महत्वपूर्ण शासकीय कार्यालयों में शामिल है, जहां प्रतिदिन अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों का आना-जाना लगा रहता है। इसके अलावा कार्यालय विधायक निवास के सामने स्थित होने के कारण यहां से कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी भी नियमित रूप से गुजरते हैं। इसके बावजूद लंबे समय तक तिरंगे की खराब स्थिति पर ध्यान नहीं दिए जाने को लेकर लोगों ने चिंता व्यक्त की है।

मामले में वन विभाग के रेंजर से चर्चा किए जाने पर उन्होंने बताया कि यह जानबूझकर की गई लापरवाही नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी पदस्थापना अप्रैल माह में हुई है और संभव है कि तिरंगे की यह स्थिति पहले से बनी हुई हो। उन्होंने संकेत दिया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय ध्वज संहिता के अनुसार तिरंगे को हमेशा सम्मानजनक स्थिति में फहराया या प्रदर्शित किया जाना चाहिए। फटे, गंदे, फीके या क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन नियमों के अनुरूप नहीं माना जाता। ऐसे ध्वज को समय पर बदलना और उसकी गरिमा बनाए रखना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होती है।

घटना के बाद स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त तिरंगों को तत्काल हटाकर नए राष्ट्रीय ध्वज लगाए जाएं तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नियमित निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है, इसलिए इसके सम्मान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।

अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में कितनी शीघ्र कार्रवाई करता है और राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।