बस्तर में मलेरिया फैलाव को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, स्वास्थ्य मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चिकित्सा प्रकोष्ठ ने बस्तर संभाग में मलेरिया के बढ़ते मामलों और कांकेर में बच्चों की मौत को लेकर राज्य सरकार और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने मच्छरदानी खरीदी, स्वास्थ्य प्रबंधन और मलेरिया नियंत्रण को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के चिकित्सा प्रकोष्ठ ने बस्तर संभाग में मलेरिया के बढ़ते मामलों को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि बस्तर में सेरेब्रल मलेरिया के फैलाव तथा कांकेर के एक आदिवासी छात्रावास में बच्चों की मौत की घटनाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही जिम्मेदार है।
कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में डॉ. राकेश गुप्ता ने केंद्र और राज्य सरकार से सवाल करते हुए कहा कि पिछले तीन वर्षों में मलेरिया नियंत्रण के लिए प्राप्त राशि का प्रभावी उपयोग क्यों नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला स्तर पर जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) और कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) मद से मच्छरदानियों की खरीद समय पर नहीं की गई, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों की कमी बनी रही।
डॉ. गुप्ता ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में कथित अनियमितताओं और कमीशनखोरी के कारण निर्धारित दरों पर मेडिकेटेड मच्छरदानियों की खरीद नहीं की गई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री द्वारा मच्छरदानी खरीदी नहीं होने की जानकारी से अनभिज्ञता जताना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस ने दावा किया कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में संचालित 'मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान' के दौरान मलेरिया नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता मिली थी और संक्रमण दर में कमी आई थी। कांग्रेस का आरोप है कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में मलेरिया नियंत्रण की दिशा में पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए, जिसके कारण स्थिति फिर से चिंताजनक होती जा रही है।
डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि सरकार को मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल आवश्यक दवाइयों, मेडिकेटेड मच्छरदानियों, स्वास्थ्य संसाधनों और जागरूकता अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बस्तर सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में मलेरिया की स्थिति और गंभीर हो सकती है। पार्टी ने सरकार से किसानों, आदिवासियों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की है।