खाद संकट को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, दीपक बैज बोले- किसान परेशान, सरकार मौन

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य में खाद और बीज की कमी को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पर्याप्त उपलब्धता के सरकारी दावों के बावजूद किसान खाद संकट, कालाबाजारी और महंगे दामों की समस्या से जूझ रहे हैं।

Jul 30, 2026 - 12:11
Jul 30, 2026 - 12:14
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खाद संकट को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, दीपक बैज बोले- किसान परेशान, सरकार मौन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य में खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन के दौरान खाद की कमी के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बोनी और कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जबकि सरकार पर्याप्त खाद उपलब्ध होने के दावे कर रही है।

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि प्रदेशभर में किसान खाद और बीज की कमी से परेशान हैं तथा कई स्थानों पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेती का महत्वपूर्ण समय तेजी से निकल रहा है, लेकिन किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप खाद और बीज उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। इसके कारण कालाबाजारी बढ़ने के साथ ही कथित रूप से नकली एवं अमानक खाद-बीज की बिक्री भी हो रही है और किसानों को अधिक कीमत पर खाद-बीज खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध नहीं है तो निजी दुकानों में यह सामग्री अधिक कीमत पर कैसे उपलब्ध हो रही है। उन्होंने नकली खाद और बीज की बिक्री की जांच कराने तथा किसानों की शिकायतों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की।

प्रेस विज्ञप्ति में दीपक बैज ने सरकार के खाद वितरण संबंधी आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य की तुलना में किसानों को अब तक काफी कम मात्रा में खाद उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएपी और यूरिया की उपलब्धता किसानों की मांग के अनुरूप नहीं है तथा खाद वितरण को लेकर सरकार की नीतियों में लगातार बदलाव किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि कभी टोकन प्रणाली लागू की गई तो कभी प्रति एकड़ खाद वितरण की सीमा कम कर दी गई। कांग्रेस का आरोप है कि पहले जहां प्रति एकड़ दो बोरी डीएपी और दो बोरी यूरिया उपलब्ध कराए जाते थे, वहीं अब इसे घटाकर एक-एक बोरी कर दिया गया है, जिससे किसानों की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है।

दीपक बैज ने यह भी आरोप लगाया कि गोठान व्यवस्था बंद होने से गोबर और वर्मी कम्पोस्ट जैसे वैकल्पिक जैविक खाद के विकल्प भी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने सरकार से किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराने तथा कृषि संबंधी समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की।