शराबबंदी को लेकर सद्बुद्धि यज्ञ से पहले गुलाबी गैंग कमांडर हाउस अरेस्ट, पूर्णिमा वर्मा ने जताया विरोध

छिंदवाड़ा में शराबबंदी की मांग को लेकर गुलाबी गैंग की ओर से प्रस्तावित सद्बुद्धि यज्ञ प्रशासनिक कार्रवाई के कारण नहीं हो सका। आयोजन से पहले गुलाबी गैंग कमांडर पूर्णिमा वर्मा को उनके घर पर नजरबंद किए जाने का दावा किया गया। पूर्णिमा वर्मा ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के लिए उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आवासीय क्षेत्रों के आसपास शराब दुकानों और अहातों को हटाने के साथ शहीद मेजर अमित ठेंगे की प्रतिमा के आसपास संचालित शराब दुकान को हटाने की भी मांग की।

Sep 21, 2026 - 11:19
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शराबबंदी को लेकर सद्बुद्धि यज्ञ से पहले गुलाबी गैंग कमांडर हाउस अरेस्ट, पूर्णिमा वर्मा ने जताया विरोध

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l छिंदवाड़ा में प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर गुलाबी गैंग की ओर से रविवार को फव्वारा चौक पर प्रस्तावित सद्बुद्धि यज्ञ प्रशासनिक कार्रवाई के चलते नहीं हो सका। आयोजन से पहले गुलाबी गैंग कमांडर पूर्णिमा वर्मा को उनके घर पर नजरबंद किए जाने का दावा किया गया। कार्रवाई के बाद पूर्णिमा वर्मा ने शासन-प्रशासन के कदम पर विरोध जताते हुए कहा कि शराबबंदी और नशामुक्त समाज की मांग को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

पूर्णिमा वर्मा ने कहा कि वह लंबे समय से प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर अभियान चला रही हैं। उनका कहना है कि शराब और अन्य नशीले पदार्थों की उपलब्धता के कारण कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं और युवा वर्ग के नशे की चपेट में आने की चिंता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी का मुद्दा केवल शराब की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नशामुक्ति अभियान को और तेज किया जाएगा। पूर्णिमा वर्मा ने आवासीय क्षेत्रों के आसपास संचालित वैध और अवैध शराब दुकानों तथा अहातों को हटाने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि रहवासी इलाकों के आसपास इस तरह की गतिविधियों से स्थानीय लोगों और परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान में मातृशक्ति की भागीदारी बढ़ाने का भी आह्वान किया।

पूर्णिमा वर्मा ने मानसरोवर के सामने शहीद मेजर अमित ठेंगे की प्रतिमा के आसपास संचालित शराब दुकान और अहाते का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद की प्रतिमा के सामने शराबियों का जमावड़ा होना गंभीर विषय है। उन्होंने शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से शहीद की प्रतिमा के आसपास संचालित शराब दुकान और अहाते को हटाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि इस दिशा में कार्रवाई नहीं की गई तो वह शहीद मेजर अमित ठेंगे की प्रतिमा को लेकर दिल्ली जाने और उसे संसद के सामने जिले के गौरव के रूप में स्थापित करने का प्रयास करेंगी। उन्होंने इस मुद्दे को छिंदवाड़ा के सम्मान और शहीद के प्रति सम्मान से जोड़ते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।

पूर्णिमा वर्मा ने कहा कि छिंदवाड़ा उनका परिवार है और पूरा मध्य प्रदेश उनका कुटुंब है। इसी भावना के साथ वह समाज को नशे से बचाने के लिए अपना अभियान जारी रखेंगी। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में नशामुक्ति अभियान चलाकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

उन्होंने प्रदेश की माताओं, बहनों और बेटियों से नशे के खिलाफ एकजुट होने की अपील की। पूर्णिमा वर्मा ने कहा कि स्वस्थ, स्वच्छ और सुरक्षित समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद शराबबंदी और नशामुक्त समाज की मांग को लेकर उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।