छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर, आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने वाले 16 निजी अस्पतालों पर FIR की मांग: आम आदमी पार्टी

आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और आयुष्मान भारत योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं विजय झा, जयदीप खनूजा और नंदन सिंह ने 16 निजी अस्पतालों के प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। पार्टी ने सरकारी ऑक्सीजन प्लांट बंद होने, अस्पतालों में सुविधाओं की कमी और जशपुर में एंबुलेंस नहीं मिलने से गर्भवती महिला की मौत का मामला भी उठाया।

Nov 6, 2026 - 16:03
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छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर, आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने वाले 16 निजी अस्पतालों पर FIR की मांग: आम आदमी पार्टी

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और आयुष्मान भारत योजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 6 नवंबर 2026 को रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं विजय झा, जयदीप खनूजा और नंदन सिंह ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बंद ऑक्सीजन प्लांट और करोड़ों की खरीदी पर सवाल

AAP नेताओं ने बताया कि राजधानी रायपुर के माना सिविल अस्पताल में करीब 1.5 करोड़ रुपये की लागत से लगाया गया ऑक्सीजन प्लांट तीन साल से बंद है। वहीं जिला अस्पताल का 1.5 करोड़ रुपये का प्लांट वर्ष 2021 से बंद पड़ा है। पार्टी का आरोप है कि प्लांट बंद होने के कारण हर महीने करीब 3.5 लाख रुपये की ऑक्सीजन खरीदी जा रही है। नेताओं ने तकनीकी कर्मचारियों की कमी का हवाला दिए जाने पर भी सवाल उठाए और पूरे मामले की जांच की मांग की।

पार्टी ने CGMSC और NHM से जुड़े लगभग 660 करोड़ रुपये की रीजेंट एवं मेडिकल उपकरण खरीदी में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। नेताओं ने सवाल किया कि यदि सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी है और इस राशि का हिसाब कौन देगा?

मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल

AAP नेताओं ने जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड में एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण गर्भवती महिला की मौत का मामला उठाया। पार्टी के अनुसार, संबंधित क्षेत्र का स्वास्थ्य केंद्र करीब डेढ़ साल से बंद है। नेताओं ने कहा कि जब मुख्यमंत्री के गृह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की ऐसी स्थिति है तो प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।

आयुष्मान योजना में गड़बड़ी, 16 अस्पतालों पर FIR की मांग

आम आदमी पार्टी ने आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों में कथित फर्जीवाड़े और वित्तीय अनियमितताओं पर भी नाराजगी जताई। पार्टी नेताओं के अनुसार, स्वास्थ्य विभाग की जांच में पिछले दो वर्षों के दौरान 70 अस्पतालों को दोषी पाया गया है और 16 निजी अस्पतालों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ अस्पतालों में एजेंटों के माध्यम से मरीजों को लाया जाता था, बिना चिकित्सकीय आवश्यकता के भर्ती किया जाता था और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों एवं गलत मेडिकल कोडिंग के जरिए सरकारी राशि का दावा किया जाता था।

AAP ने संबंधित 16 अस्पतालों के प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इनमें रायपुर के सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, एसके केयर, श्री अनंत साई, श्री महावीर, श्रीनिवास, वरदान, हेरिटेज और श्री रावतपुरा सरकार अस्पताल सहित दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, बस्तर, कबीरधाम और कोंडागांव के अस्पताल शामिल हैं।

पार्टी ने बताया कि रायपुर के आठ अस्पतालों के खिलाफ FIR की मांग को लेकर 3 नवंबर को पुलिस उपायुक्त पश्चिम को ज्ञापन भी सौंपा गया था।

सरकार को आंदोलन की चेतावनी

AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के पद खाली हैं, जरूरी जांच मशीनें खराब पड़ी हैं और निजी अस्पतालों की मनमानी पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है। पार्टी ने स्वास्थ्य मंत्री और राज्य सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार तथा कथित अनियमितताओं में शामिल अस्पतालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है।

आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो पार्टी प्रदेशभर में सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।