13 वर्षों से अस्थायी धान उपार्जन केंद्र, स्थायी खरीदी केंद्र बनाने किसानों ने SDM को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़ के पखांजूर क्षेत्र के ग्राम रेगावाही में पिछले 13 वर्षों से अस्थायी रूप से संचालित धान उपार्जन उपकेंद्र को स्थायी धान खरीदी केंद्र घोषित करने की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों एवं किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर के नाम ज्ञापन सौंपकर स्थायी केंद्र का दर्जा देने और अलग ऑपरेटर नियुक्त करने की मांग की है। इस केंद्र से लगभग 14 गांवों के किसान जुड़े हुए हैं, जिन्हें धान खरीदी और टोकन व्यवस्था में कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

Nov 6, 2026 - 15:20
Nov 6, 2026 - 15:20
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13 वर्षों से अस्थायी धान उपार्जन केंद्र, स्थायी खरीदी केंद्र बनाने किसानों ने SDM को सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. रोहित देहारी, पखांजूर l धान खरीदी का सीजन शुरू होने से पहले किसानों की समस्याओं को लेकर ग्राम रेगावाही के ग्रामीणों एवं किसानों ने प्रशासन के सामने अपनी मांग रखी है। ग्रामीणों और किसानगणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पखांजूर के नाम ज्ञापन सौंपकर रेगावाही धान उपार्जन उपकेंद्र को स्थायी धान खरीदी केंद्र का दर्जा देने की मांग की है।

ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि ग्राम रेगावाही में वर्ष 2012-13 से धान उपार्जन उपकेंद्र का संचालन अस्थायी रूप से किया जा रहा है। इस केंद्र के अंतर्गत आसपास के लगभग 14 गांवों के किसान अपनी धान की उपज बेचने पहुंचते हैं। पहले किसानों को धान बेचने के लिए करीब 20 किलोमीटर दूर छोटेबेठिया धान खरीदी केंद्र जाना पड़ता था। लंबी दूरी के कारण किसानों को परिवहन सहित कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

रेगावाही में धान उपार्जन उपकेंद्र शुरू होने के बाद किसानों को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन 13 वर्ष बीत जाने के बावजूद इसे स्थायी केंद्र का दर्जा नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से संचालित इस उपकेंद्र को अब स्थायी धान खरीदी केंद्र घोषित किया जाना चाहिए, ताकि किसानों को हर साल बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

एक ऑपरेटर के भरोसे दो धान खरीदी केंद्र

किसानों ने ज्ञापन में एक अन्य महत्वपूर्ण समस्या का भी उल्लेख किया है। ग्रामीणों के अनुसार रेगावाही और छोटेबेठिया दोनों धान उपार्जन केंद्रों के लिए एक ही ऑपरेटर नियुक्त किया गया है। इसके कारण धान खरीदी और टोकन जारी करने की प्रक्रिया में देरी होती है। किसानों को अपना टोकन कटवाने और अन्य जरूरी कार्यों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।

इसके अलावा इंटरनेट की धीमी गति भी किसानों की परेशानी बढ़ा रही है। ऑनलाइन प्रक्रिया प्रभावित होने के कारण धान खरीदी से संबंधित कार्यों में अनावश्यक विलंब होता है। किसानों का कहना है कि यदि रेगावाही केंद्र में अलग ऑपरेटर की नियुक्ति कर दी जाए तो व्यवस्था अधिक सुचारु हो सकती है और किसानों का समय भी बचेगा।

मेहड़ा केंद्र को स्थायी दर्जा, रेगावाही अब भी इंतजार में

ग्रामीणों ने ज्ञापन में यह भी बताया कि हाल ही में शुरू किए गए मेहड़ा धान उपार्जन केंद्र को स्थायी केंद्र का दर्जा दे दिया गया है, जबकि रेगावाही केंद्र पिछले 13 वर्षों से अस्थायी रूप से संचालित होने के बावजूद अब तक स्थायी दर्जे की प्रतीक्षा कर रहा है। इस स्थिति को लेकर किसानों में नाराजगी है। उनका कहना है कि रेगावाही केंद्र से बड़ी संख्या में किसान जुड़े हुए हैं, इसलिए इसे भी स्थायी केंद्र का दर्जा मिलना चाहिए।

प्रशासन से की दो प्रमुख मांगें

ग्रामीणों एवं किसानगणों ने प्रशासन से मांग की है कि रेगावाही धान उपार्जन उपकेंद्र को स्थायी धान खरीदी केंद्र घोषित किया जाए। इसके साथ ही किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यहां अलग ऑपरेटर की नियुक्ति की जाए, ताकि टोकन व्यवस्था और धान खरीदी का काम समय पर पूरा हो सके।

अब देखना होगा कि किसानों की इस मांग पर प्रशासन कब तक निर्णय लेता है और रेगावाही सहित आसपास के 14 गांवों के किसानों को इन समस्याओं से कब राहत मिलती है।