महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुनगा यानी सहजन पोषण से भरपूर प्राकृतिक स्रोत है। इसमें आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। अभियान के माध्यम से महिलाओं में एनीमिया और बच्चों में कुपोषण की समस्या से निपटने के प्रयासों को मजबूती देने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान के तहत प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों, पोषण वाटिकाओं और ग्रामीण घरों की बाड़ियों में मुनगा के पौधे रोपे और वितरित किए जाएंगे।
अभियान के जरिए विशेष रूप से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की माताओं, किशोरी बालिकाओं और बच्चों को स्थानीय स्तर पर पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। मुनगा के पौधे घर की बाड़ी में उपलब्ध होने से परिवार अपने स्तर पर इसकी भाजी, फल और फूल का उपयोग भोजन में कर सकेंगे। मंत्री ने प्रदेशवासियों से तीजा-पोरा पर्व के अवसर पर अपने घर की बाड़ी में मुनगा का पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
महिला एवं बाल विकास विभाग में हालिया प्रशासनिक पुनर्गठन के बाद इस अभियान को विभाग की छह प्रस्तावित जनकल्याणकारी योजनाओं में पहली योजना के तौर पर धरातल पर उतारे जाने की बात कही गई है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के अनुसार विभाग की टीम शेष पांच योजनाओं के ड्राफ्ट और उनके धरातलीय मॉडल को अंतिम रूप देने में जुटी है। आने वाले समय में महिला सशक्तिकरण, बाल देखरेख और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को भी चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी है।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रालय से लेकर गांव स्तर तक जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। राज्य स्तर पर विभागीय सचिव की अध्यक्षता में समिति नीतिगत मार्गदर्शन देगी। जिला स्तर पर कलेक्टर और विकासखंड स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय समन्वय समितियां अभियान की निगरानी करेंगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी, परियोजना अधिकारी, पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं की भी जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
अभियान के तहत प्रदेश के 52,553 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 7.88 लाख परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र क्षेत्र में 15 मुनगा पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी तय की गई है। पौधों के जीवित रहने, नुकसान होने और आवश्यकता पड़ने पर दोबारा रोपण की स्थिति की निगरानी के लिए डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया गया है। इसके माध्यम से अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा और अधिकारियों-कर्मचारियों के कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। मंत्री ने लोगों से सप्ताह में कम से कम तीन बार मुनगा फल, मुनगा भाजी और मुनगा फूल को भोजन में शामिल करने का आग्रह करते हुए स्वस्थ, सुपोषित और सशक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में भागीदारी की अपील की।