कवर्धा ब्रेकिंग: अतरिया खुर्द की गौशाला में मवेशियों की मौत, ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
कवर्धा जिले की ग्राम पंचायत अतरिया खुर्द में सरपंच द्वारा संचालित गौशाला में मवेशियों की मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने गौशाला में पर्याप्त चारा-पानी नहीं मिलने, मृत मवेशियों के शव नदी में बहाने और सरकारी अनुदान के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l ग्राम पंचायत अतरिया खुर्द की सरपंच द्वारा संचालित गौशाला में मवेशियों की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने गौशाला की व्यवस्था को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला में मवेशियों को पर्याप्त चारा और पानी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है, जिसके चलते कई मवेशियों की हालत खराब हो रही है और लगातार उनकी मौतें हो रही हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक गौशाला में रखे गए मवेशियों की समुचित देखभाल नहीं होने से वे भूख और प्यास से तड़पने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समय पर पर्याप्त मात्रा में चारा-पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण मवेशियों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश है।
ग्रामीणों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि गौशाला में मृत मवेशियों के शवों का उचित तरीके से अंतिम निस्तारण करने के बजाय उन्हें नदी में बहाया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने गौशाला के संचालन के लिए मिलने वाले सरकारी अनुदान को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि सरकारी स्तर से अनुदान मिलने के बावजूद मवेशियों की उचित देखभाल नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने गौशाला में लाखों रुपये के कथित घपले की भी जांच कराने की मांग की है।
गौशाला की व्यवस्था और मवेशियों की लगातार हो रही मौतों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गौशाला का उद्देश्य बेसहारा और निराश्रित मवेशियों को सुरक्षित आश्रय, पर्याप्त भोजन और पानी उपलब्ध कराना है, लेकिन यदि व्यवस्था में लापरवाही बरती जा रही है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से गौशाला का तत्काल निरीक्षण कराने, वहां मौजूद मवेशियों की स्थिति की जांच करने, चारा-पानी की व्यवस्था का सत्यापन करने और सरकारी अनुदान के उपयोग का ऑडिट कराने की मांग की है। साथ ही मृत मवेशियों के संबंध में भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि जांच के बाद यदि किसी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या सरकारी राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल अतरिया खुर्द की गौशाला में मवेशियों की मौत और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर प्रशासनिक जांच की मांग तेज हो गई है। मामले में जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।