संसद में PM E-DRIVE योजना की गूंज, बृजमोहन अग्रवाल ने ईवी सब्सिडी और ग्रीन मोबिलिटी को बताया भविष्य की दिशा
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में PM E-DRIVE योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लिए ₹57 करोड़ की सब्सिडी, ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों पर भी जोर दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने संसद में प्रधानमंत्री इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट (PM E-DRIVE) योजना की सराहना करते हुए इसे भारत की स्वच्छ ऊर्जा और हरित परिवहन व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर प्रदूषण कम करने, ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ाने और आम नागरिकों के लिए किफायती परिवहन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
सांसद ने कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा लगभग ₹10,900 करोड़ के बजट के साथ संचालित PM E-DRIVE योजना देश में इलेक्ट्रिक वाहन क्रांति को नई गति प्रदान कर रही है। इस योजना का उद्देश्य केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाना नहीं, बल्कि चार्जिंग नेटवर्क, परीक्षण सुविधाओं और संपूर्ण ईवी इकोसिस्टम को मजबूत बनाना भी है।
बृजमोहन अग्रवाल ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के लिए स्वीकृत लगभग ₹57 करोड़ की रणनीतिक सब्सिडी का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन अधोसंरचना के विकास को नई गति मिलेगी। उनके अनुसार यह राशि चार्जिंग सुविधाओं के विस्तार, इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होगी।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ देश की कई प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां उठा रही हैं। इलेक्ट्रिक बसों और वाणिज्यिक वाहनों के क्षेत्र में टाटा मोटर्स, अशोक लीलैंड और ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक जैसी कंपनियां सक्रिय हैं, जबकि दोपहिया और तिपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में ओला इलेक्ट्रिक, एथर एनर्जी, टीवीएस मोटर, बजाज ऑटो, हीरो मोटोकॉर्प तथा महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे ब्रांड तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की उपलब्धता बढ़ी है और उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिल रहे हैं।
सांसद ने कहा कि PM E-DRIVE योजना केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वच्छ, आत्मनिर्भर और पर्यावरण अनुकूल भारत की दिशा में एक व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि चार्जिंग स्टेशनों के राष्ट्रीय नेटवर्क का विस्तार और परीक्षण एजेंसियों को आधुनिक बनाने से इलेक्ट्रिक वाहन आम नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद विकल्प बनेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। ऑटोमोबाइल, बैटरी तकनीक, चार्जिंग स्टेशन संचालन, रखरखाव और तकनीकी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। इसके साथ ही स्थानीय उद्योगों को भी नई दिशा मिलेगी।
बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर को मॉडल ग्रीन सिटी बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि स्वच्छ परिवहन, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक अधोसंरचना के माध्यम से शहर को टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र सरकार भविष्य में भी छत्तीसगढ़ को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी से जुड़ी परियोजनाओं में प्राथमिकता देगी, जिससे राज्य में निवेश बढ़ेगा और हरित विकास को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन केवल प्रदूषण कम करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ईंधन आयात पर निर्भरता घटाने, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने और भविष्य की अर्थव्यवस्था को टिकाऊ बनाने का भी महत्वपूर्ण साधन हैं। सांसद ने उम्मीद जताई कि PM E-DRIVE योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था का तेजी से विस्तार होगा और भारत ग्रीन मोबिलिटी के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर होगा।