चिंगराजपारा में मारपीट करने वाले चार आरोपियों पर पुलिस की सख्त कार्रवाई, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर भेजा न्यायालय
बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित चिंगराजपारा दारूभट्ठी के पास मारपीट कर शांति व्यवस्था भंग करने वाले चार आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। आरोपियों को गिरफ्तार कर बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर दहशत फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
UNITED NEWS OF ASIA. विशु तिवारी, बिलासपुर l बिलासपुर पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक स्थानों पर शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। सरकंडा थाना क्षेत्र के चिंगराजपारा दारूभट्ठी के पास मारपीट कर दहशत फैलाने वाले चार आरोपियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सार्वजनिक स्थानों पर मारपीट, उपद्रव या भय का वातावरण बनाने वाले लोगों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस के अनुसार चिंगराजपारा दारूभट्ठी के पास हुई मारपीट की घटना के संबंध में सरकंडा थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चारों आरोपियों ने एक राय होकर प्रार्थी के साथ मारपीट की और क्षेत्र में अशांति का माहौल उत्पन्न किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले को प्राथमिकता के आधार पर जांच में लिया गया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर), नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन तथा सरकंडा थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की और घेराबंदी कर सभी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपियों को बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में विकास यादव, मानव ध्रुव, राहुल गोंड़ और ज्ञान सिंह गोंड़ शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि चारों के विरुद्ध दर्ज प्रकरण के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की गई और बाद में उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर मारपीट की घटनाएं न केवल कानून व्यवस्था को प्रभावित करती हैं, बल्कि आम नागरिकों में भय और असुरक्षा का वातावरण भी पैदा करती हैं। इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। कानून हाथ में लेने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध नियंत्रण और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पेट्रोलिंग, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और अपराधियों में कानून का भय बनाए रखना है।
पुलिस का कहना है कि हाल के दिनों में सार्वजनिक स्थानों पर उपद्रव करने, मारपीट करने और लोगों को डराने-धमकाने जैसी घटनाओं पर विशेष नजर रखी जा रही है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलते ही तत्काल पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर जांच करती है और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती है।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि आम जनता का सहयोग अपराध नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि किसी क्षेत्र में मारपीट, अवैध गतिविधि, उपद्रव या अन्य किसी प्रकार की कानून व्यवस्था से जुड़ी घटना की जानकारी मिलती है, तो नागरिक तत्काल पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सरकंडा थाना पुलिस की इस कार्रवाई को क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस प्रकार की त्वरित कार्रवाई से असामाजिक तत्वों में कानून का भय बढ़ेगा और लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।
बिलासपुर पुलिस ने दोहराया है कि 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक स्थान पर मारपीट कर शांति व्यवस्था भंग करने या दहशत फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। इससे जिले में कानून व्यवस्था मजबूत होगी और आम नागरिक सुरक्षित वातावरण में अपना दैनिक जीवन व्यतीत कर सकेंगे।