दुर्ग में दर्दनाक हादसा: बर्थडे सेलिब्रेशन के बाद शिवनाथ नदी में बहे दो मासूम, सर्च ऑपरेशन आज
दुर्ग के शिवनाथ नदी में बर्थडे सेलिब्रेशन के बाद नहाने गए दो बच्चे तेज बहाव में बह गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलगांव पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन अंधेरा होने के कारण एसडीआरएफ रात में सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं कर सकी। शनिवार सुबह दोनों बच्चों की तलाश के लिए अभियान चलाया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश सिंह भुवाल, दुर्ग l छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। बर्थडे सेलिब्रेशन की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं जब शिवनाथ नदी में नहाने उतरे दो मासूम तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलगांव पुलिस मौके पर पहुंची, जबकि अंधेरा होने के कारण एसडीआरएफ की टीम रात में सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं कर सकी। अब शनिवार सुबह दोनों बच्चों की तलाश के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उरला क्षेत्र से 7 से 8 बच्चों का एक समूह बर्थडे सेलिब्रेशन के लिए दुर्ग स्थित शिवनाथ नदी के किनारे पहुंचा था। जन्मदिन का कार्यक्रम संपन्न होने के बाद सभी बच्चे नदी के किनारे समय बिता रहे थे। इसी दौरान कुछ बच्चे नदी में नहाने उतर गए। नदी में पानी का बहाव सामान्य से अधिक था, लेकिन बच्चों को इसका अंदाजा नहीं था।
नहाने के दौरान 14 वर्षीय रेहान और 12 वर्षीय आरव अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गए। दोनों ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन बहाव इतना तेज था कि कुछ ही पलों में वे गहरे पानी की ओर बह गए। यह दृश्य देखकर उनके साथ मौजूद अन्य बच्चे घबरा गए और उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
साथी बच्चों ने काफी देर तक नदी किनारे और आसपास दोनों की तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद बच्चों ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन घटनास्थल पहुंचे। अपने बच्चों के लापता होने की खबर सुनकर परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलगांव पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की तथा नदी किनारे प्रारंभिक तलाश की कोशिश की। हालांकि अंधेरा हो जाने और नदी में तेज बहाव होने के कारण प्रभावी सर्च ऑपरेशन शुरू करना संभव नहीं हो पाया।
पुलिस ने तत्काल एसडीआरएफ को सूचना दी, लेकिन रात होने के कारण बचाव एवं खोज अभियान शुरू नहीं किया जा सका। अधिकारियों के अनुसार रात में नदी में तेज बहाव और सीमित दृश्यता के कारण अभियान चलाना जोखिमपूर्ण होता है। इसी वजह से शनिवार सुबह उजाला होते ही प्रशिक्षित गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम द्वारा व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाने का निर्णय लिया गया है।
घटना के बाद शिवनाथ नदी एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ जाता है और पानी का बहाव भी काफी तेज हो जाता है। इसके बावजूद कई लोग पिकनिक, स्नान और अन्य गतिविधियों के लिए नदी किनारे पहुंचते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि नदी के संवेदनशील घाटों और गहरे हिस्सों में चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा बैरिकेड और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि बरसात के दौरान ऐसे स्थानों पर लोगों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को विशेष कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि बच्चों को संभलने का मौका ही नहीं मिला। उनके साथ मौजूद बच्चों ने शोर मचाया और सहायता के लिए आसपास मौजूद लोगों को बुलाया, लेकिन तब तक दोनों बच्चे पानी में ओझल हो चुके थे। कुछ स्थानीय लोगों ने भी नदी में उतरकर तलाश करने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिली।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के क्षेत्र के लोग भी बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंच गए। देर शाम तक लोगों की भीड़ घटनास्थल पर बनी रही और सभी की निगाहें बचाव दल के अभियान पर टिकी रहीं। परिजन पूरी रात बच्चों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे रहे।
पुलगांव पुलिस ने बताया कि शनिवार सुबह एसडीआरएफ की टीम, गोताखोरों और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। नदी के संभावित बहाव क्षेत्र में भी तलाश की जाएगी ताकि दोनों बच्चों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी, नहर और जलाशयों में नहाने या गहरे पानी में जाने से बचें तथा बच्चों को बिना निगरानी के जल स्रोतों के पास न जाने दें।
यह हादसा एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि बरसात के मौसम में नदी-नालों का जलस्तर और बहाव कभी भी खतरनाक रूप ले सकता है। थोड़ी सी असावधानी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। फिलहाल पूरा क्षेत्र रेहान और आरव की तलाश के लिए चलाए जाने वाले सर्च ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि दोनों बच्चों की तलाश के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। रिपोर्टर रोहितास सिंह भुवाल के अनुसार घटना के बाद क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है तथा परिजन और स्थानीय लोग बच्चों के जल्द पता चलने की उम्मीद में प्रशासन के अभियान का इंतजार कर रहे हैं।