UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l बिलासपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जेल चौक स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी उनके साथ उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इस अवसर पर संबोधित करते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव बताया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान ने भारत को एक लोकतांत्रिक और समतामूलक राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेदों का उल्लेख करते हुए बताया कि अनुच्छेद 19 और 21 नागरिकों को मौलिक अधिकार प्रदान करते हैं, जबकि अनुच्छेद 14 और 16 सभी नागरिकों को धर्म, जाति, लिंग और रंग के आधार पर बिना किसी भेदभाव के समान अधिकार सुनिश्चित करते हैं। उनके अनुसार, बाबा साहेब की सोच एक ऐसे समाज की थी जहाँ हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान प्राप्त हो।
अरुण साव ने कहा कि अंबेडकर का जीवन केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने समाज में व्याप्त असमानताओं को समाप्त करने के लिए निरंतर संघर्ष किया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया और कहा कि बाबा साहेब का मानना था कि किसी भी समाज की प्रगति का आकलन उसकी महिलाओं की स्थिति से किया जाना चाहिए।
इसी संदर्भ में उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार भी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाए जा रहे विभिन्न अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे कार्यक्रमों ने महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अधिक अधिकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके आदर्शों को अपनाना और उन्हें समाज में स्थापित करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर बिलासपुर की महापौर पूजा विधानी, पूर्व महापौर किशोर राय, स्नेहलता शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता, महिला मोर्चा और युवा मोर्चा के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
अंततः यह कार्यक्रम न केवल श्रद्धांजलि का अवसर था, बल्कि यह समाज में समानता, न्याय और अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बना। डॉ. अंबेडकर के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और उनके आदर्शों का अनुसरण ही एक सशक्त और समरस समाज का निर्माण कर सकता है।