भोरमदेव पदयात्रा में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ सेल्फी जोन बना आकर्षण का केंद्र

भोरमदेव पदयात्रा के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा तैयार किए गए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ सेल्फी जोन ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सेल्फी जोन का अवलोकन कर बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का संदेश दिया।

Aug 4, 2026 - 17:57
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भोरमदेव पदयात्रा में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ सेल्फी जोन बना आकर्षण का केंद्र

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। भोरमदेव पदयात्रा के दौरान इस वर्ष धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जागरूकता का भी प्रेरणादायक संदेश देखने को मिला। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से तैयार किए गए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ सेल्फी जोन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। इस पहल का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना था।

पदयात्रा के दौरान उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सेल्फी जोन का अवलोकन किया और उपस्थित श्रद्धालुओं, युवाओं तथा बच्चों से बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को समान अवसर, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस तरह के अभियान सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सेल्फी जोन को भोरमदेव मंदिर की पारंपरिक कलाकृति, बांस, सुपा-टोकरी और अन्य प्राकृतिक सामग्रियों से आकर्षक रूप दिया गया था। इसकी साज-सज्जा ने श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित किया और बड़ी संख्या में लोगों ने यहां फोटो खिंचवाकर अभियान के संदेश को आगे बढ़ाया।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उपस्थित लोगों ने बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक सरोकार को जोड़ने वाली इस पहल की व्यापक सराहना की गई।

महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से सरकारी योजनाओं और जनजागरूकता अभियानों को आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। भोरमदेव पदयात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति का लाभ उठाकर सामाजिक संदेशों को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जा सकता है।

भोरमदेव पदयात्रा में स्थापित यह सेल्फी जोन केवल आकर्षण का केंद्र ही नहीं बना, बल्कि लोगों को यह संदेश भी देता रहा कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। धार्मिक आस्था और सामाजिक चेतना का यह संगम पदयात्रा की विशेष पहचान बनकर उभरा।