भारतमाला सड़क और राज्य की बदहाल सड़कें डबल इंजन सरकार के भ्रष्टाचार का उदाहरण: दीपक बैज

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भारतमाला परियोजना और राज्य की अन्य सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और घटिया निर्माण का आरोप लगाया। उन्होंने रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर सहित विभिन्न निर्माण कार्यों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।

Jul 29, 2026 - 11:36
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भारतमाला सड़क और राज्य की बदहाल सड़कें डबल इंजन सरकार के भ्रष्टाचार का उदाहरण: दीपक बैज

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भारतमाला परियोजना और राज्य में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर परियोजना को प्रदेश के विकास की रीढ़ बताया जा रहा है, लेकिन इसके निर्माण में सामने आ रही अनियमितताएं, घटिया गुणवत्ता और देरी सरकार के दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं।

दीपक बैज ने कहा कि रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला सड़क का उद्घाटन होने से पहले ही कई स्थानों पर सड़क में दरारें दिखाई देने लगी हैं। उनके अनुसार यह स्थिति स्पष्ट करती है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से समझौता किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान जनसुविधा से अधिक मुनाफाखोरी और कमीशनखोरी पर केंद्रित है।

उन्होंने कहा कि सरकार इस परियोजना पर लगभग 16 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का दावा कर रही है, लेकिन यदि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हुआ है तो कई स्थानों पर मरम्मत और सुधार की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। उन्होंने कहा कि इससे निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न उठते हैं।

दीपक बैज ने आरोप लगाया कि केवल केंद्रीय योजनाओं में ही नहीं बल्कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने मुंगेली जिले के अमर टापू धाम में लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पुल का उदाहरण देते हुए कहा कि पहली ही ढलाई में पुल का स्लैब गिर जाना निर्माण गुणवत्ता और विभागीय निगरानी की बड़ी विफलता है।

उन्होंने गरियाबंद जिले के कोसुमबूड़ा पुल के तेज बहाव में टूटने का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे दस से अधिक गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है। ग्रामीणों को अस्पताल, स्कूल, बाजार और बैंक जैसी आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सूरजपुर जिले के सुखदेवपुर नाला में टूटी पुलिया और अधूरे रपटा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां स्कूली बच्चों, महिलाओं और किसानों को प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। कई स्थानों पर अभिभावकों को बच्चों को कंधे पर बैठाकर स्कूल पहुंचाना पड़ रहा है, जबकि किसान अपने मवेशियों और कृषि उपकरणों के साथ बड़ी मुश्किल से रास्ता पार कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि पामगढ़ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में लोग गड्ढों से भरी सड़कों के वीडियो बनाकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। उनके अनुसार यह स्थिति प्रदेश में सड़क निर्माण की वास्तविक तस्वीर को सामने लाती है।

दीपक बैज ने मांग की कि रायपुर-विशाखापट्टनम भारतमाला कॉरिडोर सहित सभी विवादित सड़क निर्माण कार्यों की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में भ्रष्टाचार, लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।