UNITED NEWS OF ASIA. भारत रत्न से सम्मानित प्रख्यात वैज्ञानिक प्रोफेसर सीएनआर राव को कर्नाटक में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान नोटिस दिए जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार यह मामला मुख्य रूप से मतदाता रिकॉर्ड में उनके नाम से जुड़ी गड़बड़ी और उसके सुधार की प्रक्रिया से संबंधित है। प्रोफेसर सीएनआर राव को मल्लेश्वरम में सुनवाई के लिए बुलाया गया है। मामले के सामने आने के बाद यह विषय चर्चा में है, क्योंकि सीएनआर राव देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों में शामिल हैं और उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।
जानकारी के अनुसार कर्नाटक में SIR प्रक्रिया के दौरान पुराने और मौजूदा रिकॉर्ड के बीच उनके नाम में अंतर पाया गया। पुराने रिकॉर्ड में उनका नाम Prof. C.N.R. Rao दर्ज बताया गया है, जबकि मौजूदा रिकॉर्ड में अंग्रेजी नाम में एक अतिरिक्त ‘f’ जुड़ने के कारण यह ‘Proff. CNR Rao’ हो गया है। इसी नाम संबंधी अंतर को ठीक करने के लिए चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत उन्हें नोटिस जारी किया गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पहचान से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए उन्हें सुनवाई में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
प्रोफेसर सीएनआर राव की उम्र 92 वर्ष बताई गई है। उनके परिचितों के अनुसार उन्हें इस नोटिस की जानकारी पहले से नहीं थी। उनके करीबियों ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और वे फोन का इस्तेमाल बहुत कम करते हैं। ईमेल भी वह स्वयं नियमित रूप से चेक नहीं करते हैं। ऐसे में नोटिस और सुनवाई से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर उनके परिचितों के बीच भी चर्चा हुई है।
सीएनआर राव का जन्म बेंगलुरु के बसवनगुडी में हुआ था। उन्होंने रसायन विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण शोध कार्य किया और विशेष रूप से सॉलिड स्टेट तथा मटेरियल कैमिस्ट्री के क्षेत्र में उनके योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने विज्ञान से जुड़े विषयों पर कई पुस्तकें भी लिखी हैं। वर्ष 2014 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। वे सीवी रमन और एपीजे अब्दुल कलाम के बाद भारत रत्न पाने वाले प्रमुख वैज्ञानिकों में शामिल हैं।
SIR प्रक्रिया के दौरान पहचान और रिकॉर्ड सत्यापन से जुड़े नोटिस केवल सीएनआर राव तक सीमित नहीं रहने की बात भी रिपोर्ट में सामने आई है। अलग-अलग राज्यों में कई चर्चित लोगों को भी मतदाता सूची और पहचान संबंधी रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए नोटिस मिलने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार कर्नाटक के एक चर्चित शिक्षा कार्यकर्ता और पद्मश्री सम्मानित व्यक्ति को भी नोटिस भेजा गया है। इससे पहले पंजाब की SIR प्रक्रिया के दौरान पूर्व भारतीय राजदूत नवदीप सूरी से भी पहचान और नागरिकता संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था।
इसके अलावा रिपोर्ट में नोबेल पुरस्कार विजेता और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री तथा भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को भी SIR प्रक्रिया के दौरान नोटिस दिए जाने का उल्लेख किया गया है। SIR का उद्देश्य मतदाता रिकॉर्ड के सत्यापन और उसमें मौजूद विसंगतियों को दूर करने से जुड़ा है। सीएनआर राव के मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार नाम की वर्तनी में अंतर इस प्रक्रिया का प्रमुख आधार बताया जा रहा है।