बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान बना जनआंदोलन, महिलाओं और विद्यार्थियों को सुरक्षा व अधिकारों के प्रति किया गया जागरूक
छत्तीसगढ़ में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत सूरजपुर और बालोद जिलों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में महिलाओं, किशोरियों और विद्यार्थियों को महिला सुरक्षा, बाल अधिकार, साइबर सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को सुरक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान लगातार जनआंदोलन का स्वरूप लेता जा रहा है। इसी अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हाल ही में सूरजपुर और बालोद जिले में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से महिला सुरक्षा, बाल अधिकार, साइबर सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर लोगों को जागरूक किया गया।
सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड स्थित चेन्द्रा गांव में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और किशोरियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। महिलाओं को घरेलू हिंसा, महिला उत्पीड़न, बाल विवाह के दुष्परिणाम, मासिक धर्म स्वच्छता तथा महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया।
इसके साथ ही प्रतिभागियों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 तथा आपातकालीन सेवा 112 के उपयोग और आवश्यकता पड़ने पर इन सेवाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी समझाई गई। कार्यक्रम में नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना, महतारी वंदन योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर तथा वित्तीय साक्षरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित किया गया। उन्हें लॉवलीहुड कॉलेज में संचालित सिलाई, बुनाई, ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर और अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़कर अपने जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कौशल विकास प्रशिक्षण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
वहीं बालोद जिले के पीएम श्री शासकीय स्वामी आत्मानंद उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गुंडरदेही में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की ओर से विद्यार्थियों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पॉक्सो अधिनियम-2012, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम-2015, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराध, बाल अधिकार तथा संकट की स्थिति में सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में लगभग 110 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और बाल सुरक्षा, कानूनी अधिकारों तथा ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण, हिंसा या साइबर अपराध की स्थिति में बिना भय के संबंधित हेल्पलाइन और प्रशासनिक तंत्र से सहायता प्राप्त करनी चाहिए।
राज्य सरकार का उद्देश्य ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना, सरकारी योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुंचाना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है। साथ ही बाल विवाह, बाल श्रम, लैंगिक भेदभाव और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना भी अभियान का प्रमुख लक्ष्य है।
सरकार का मानना है कि जब समाज का प्रत्येक वर्ग महिला सम्मान, बाल सुरक्षा और शिक्षा के प्रति जागरूक होगा, तभी बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त कर सकेगा। यही कारण है कि राज्यभर में इस अभियान को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि हर बेटी सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनकर समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।