बांसला में ₹1.81 लाख का 'हैंडपंप घोटाला', जाँच अधिकारी पर लीपापोती का आरोप
भानुप्रतापपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बांसला में हैंडपंप मरम्मत/स्थापना के नाम पर ₹1.81 लाख की राशि बिना काम किए आहरित करने का मामला सामने आया। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर गबन का आरोप लगाया है और निष्पक्ष जाँच व कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. श्रीदाम ढाली, कांकेर | भानुप्रतापपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बांसला में विकास कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर सरकारी राशि के गबन का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों पर हैंडपंप मरम्मत और स्थापना के नाम पर बिना कोई कार्य किए लगभग ₹1.81 लाख आहरित करने का गंभीर आरोप लगाया है और इसकी लिखित शिकायत जिला कलेक्टर, जिला सीईओ और एसडीएम से की है। शिकायत के अनुसार, सरपंच और सचिव ने 6 अलग-अलग बिलों के माध्यम से ₹1.81 लाख की राशि हैंडपंप की मरम्मत और स्थापना के नाम पर निकाली, जबकि वास्तविकता में गांव में कोई कार्य नहीं हुआ। कुछ हैंडपंपों पर तो पहले से ही सोलर पैनल या व्यक्तिगत मोटर पंप लगे हुए थे, बावजूद इसके उसी हैंडपंप की तस्वीरें दिखाकर ₹90,000 की राशि आहरित कर ली गई।
मामले की जाँच के लिए करारोपण अधिकारी राम प्रसाद नांदेश्वर ग्राम पंचायत बांसला पहुँचे, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने वास्तविक स्थल का निरीक्षण किए बिना केवल पंचायत भवन में ही पंचनामा तैयार किया और वापस लौट गए। इस पर ग्रामीणों ने जाँच अधिकारी पर लीपापोती और पंचायत प्रतिनिधियों को बचाने का गंभीर आरोप लगाया है।
ग्रामीण शिवप्रसाद कोरेटी, परमेश्वर नरेटी, राजेन्द्र कोरेटी, जगनाथ कोरेटी, सहदेव कोरेटी, रामरतन कोमरा, महेश टांडिया एवं अन्य ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जाँच, दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई और गबन की गई राशि की वसूली की मांग की है। यदि वर्तमान जाँच अधिकारी सही तरीके से जाँच नहीं करते हैं, तो उनकी भी शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।
ग्रामीणों ने वकील के माध्यम से लोकपाल में शिकायत दर्ज कराने के लिए दस्तावेज़ तैयार करना शुरू कर दिया है। यह मामला स्थानीय प्रशासन में व्याप्त अनियमितताओं और सरकारी राशि के दुरुपयोग पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस 'हैंडपंप घोटाले' और जाँच अधिकारी पर लगे आरोपों पर क्या निर्णायक और सख्त कार्रवाई करता है।