बालोद पुलिस का वृहद जन-जागरूकता अभियान, बाइक रैली के साथ साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति और यातायात नियमों का दिया संदेश

बालोद पुलिस ने दल्लीराजहरा में साइबर अपराध, नशामुक्ति और यातायात सुरक्षा को लेकर वृहद जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। बाइक रैली, रक्तदान एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, लर्निंग लाइसेंस शिविर, हेलमेट वितरण और विद्यार्थियों की रंगोली-पेंटिंग सहित विभिन्न गतिविधियों के जरिए आमजन को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में 15 लोगों ने रक्तदान किया, 100 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ और 70 लोगों ने लर्निंग लाइसेंस बनवाया।

Oct 5, 2026 - 15:48
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बालोद पुलिस का वृहद जन-जागरूकता अभियान, बाइक रैली के साथ साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति और यातायात नियमों का दिया संदेश

UNITED NEWS OF ASIA. सुनील साहू, बालोद। पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चन्द्रकांत गवर्ना के मार्गदर्शन में बालोद पुलिस द्वारा दल्लीराजहरा में साइबर अपराध से बचाव, नशामुक्ति और यातायात सुरक्षा को लेकर वृहद जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 4 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस विभाग के साथ आम नागरिकों, युवाओं, विद्यार्थियों और छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने भी सहभागिता की। विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित यातायात, साइबर अपराध से बचाव और नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बाइक रैली रही, जिसका शुभारंभ पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण ने किया। रैली में पुलिस अधिकारी, जवान, युवा और आम नागरिक शामिल हुए। बाइक रैली के माध्यम से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट का उपयोग करने, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने और यातायात नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अभिनेता-अभिनेत्रियों एवं कलाकारों ने भी सहभागिता कर लोगों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने, नशे से दूर रहने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की।
कार्यक्रम स्थल पर रक्तदान एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया। शिविर में 7 नागरिकों और 8 पुलिसकर्मियों सहित कुल 15 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। वहीं 100 से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

रक्तदाताओं द्वारा जरूरतमंद मरीजों की सहायता के उद्देश्य से किए गए इस मानवीय कार्य की सराहना की गई।
आमजन को वैध दस्तावेजों के साथ वाहन चलाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से लर्निंग लाइसेंस शिविर भी आयोजित किया गया। शिविर में कुल 70 लोगों ने लर्निंग लाइसेंस बनवाया। नागरिकों को लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया और यातायात नियमों की जानकारी भी दी गई।

साइबर जागरूकता शिविर में लोगों को OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने की समझाइश दी गई। अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, फर्जी कॉल एवं संदिग्ध मैसेज से सावधान रहने और सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने के संबंध में जानकारी दी गई। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 पर शिकायत करने की अपील भी की गई।

यातायात जागरूकता शिविर में हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं देने के संबंध में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान आमजन एवं वाहन चालकों को हेलमेट का वितरण कर समझाइश दी गई कि हेलमेट केवल चालानी कार्रवाई से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

स्कूली विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा, यातायात नियम और नशामुक्ति जैसे विषयों पर आकर्षक रंगोली एवं पेंटिंग तैयार कर जागरूकता संदेश दिया। कार्यक्रम स्थल पर जागरूकता सेल्फी जोन भी बनाया गया, जहां युवाओं और आम नागरिकों ने सेल्फी लेकर अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। नागरिकों और विद्यार्थियों ने जागरूकता शपथ प्लेट पर हस्ताक्षर कर यातायात नियमों का पालन करने, साइबर अपराधों से सतर्क रहने और नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधों के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए प्रत्येक नागरिक का जागरूक और सतर्क रहना आवश्यक है। उन्होंने OTP, PIN, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने तथा अनजान लिंक और संदिग्ध कॉल से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने बच्चों और युवाओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग करने तथा परिवार के बुजुर्गों को भी साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करने की बात कही।

नशामुक्ति के संबंध में उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। युवाओं को नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील की गई। यातायात सुरक्षा को लेकर उन्होंने शराब पीकर वाहन नहीं चलाने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करने तथा नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति नहीं देने की समझाइश दी।

बालोद पुलिस ने आमजन से अपील की कि नशे से दूर रहें, यातायात नियमों का पालन करें, OTP और PIN जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करें। पुलिस ने कहा कि जनसहयोग से ही बालोद को सुरक्षित, साइबर जागरूक, नशामुक्त और यातायात अनुशासित जिला बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।