उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने देवरानी-जेठानी नाले पर निर्माणाधीन पुल का किया औचक निरीक्षण, गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने रायपुर से बालोद जाते समय राष्ट्रीय राजमार्ग-930 पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध कार्य और संकेतक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने रायपुर से बालोद प्रवास के दौरान पुरूर से झलमला-बालोद-मोहला-मानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-930 पर देवरानी-जेठानी नाले पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल का औचक निरीक्षण किया। यह पुल 105 मीटर लंबा है और इसके निर्माण से क्षेत्र में आवागमन को सुगम बनाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा में भी उल्लेखनीय सुधार होगा।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री साव ने पुल निर्माण कार्य की प्रगति, उपयोग में लाई जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता तथा तकनीकी मानकों की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पूर्ण किए जाएं।
साव ने अधिकारियों को पुल निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि क्षेत्रवासियों को शीघ्र आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि निर्माण में अनावश्यक देरी से आम जनता को परेशानी होती है, इसलिए समयबद्ध कार्य पूर्ण करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान उप मुख्यमंत्री ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों और वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संकेतक बोर्ड, चेतावनी चिन्ह और आवश्यक सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से लगाए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
पुल निर्माण कार्य के निरीक्षण के पश्चात उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सुशासन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि राज्य के नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और टिकाऊ आधारभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क और पुल जैसे विकास कार्य सीधे आम जनता के जीवन को प्रभावित करते हैं, इसलिए इनकी गुणवत्ता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या का समय रहते समाधान सुनिश्चित किया जाए। उप मुख्यमंत्री के इस औचक निरीक्षण से निर्माण एजेंसी और विभागीय अधिकारियों में कार्य को लेकर सतर्कता और जिम्मेदारी और अधिक बढ़ी है।