बेमेतरा में 7 नवंबर को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, गर्भवती महिलाओं की होगी निःशुल्क जांच

बेमेतरा जिले में सात नवंबर, शनिवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) का आयोजन जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और चिन्हांकित उप स्वास्थ्य केंद्रों में किया जाएगा। अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच कर उच्च जोखिम वाले मामलों की पहचान की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने महिलाओं से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच और परामर्श का लाभ लेने की अपील की है।

Nov 5, 2026 - 18:21
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बेमेतरा में 7 नवंबर को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, गर्भवती महिलाओं की होगी निःशुल्क जांच

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेमेतरा जिले में सात नवंबर, शनिवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) का आयोजन किया जाएगा। यह अभियान जिला चिकित्सालय सहित जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और चिन्हांकित उप स्वास्थ्य केंद्रों में संचालित होगा। इसके तहत गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच की जाएगी और उच्च जोखिम वाले मामलों की पहचान कर आवश्यक उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग बेमेतरा द्वारा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई के निर्देश पर तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शरद कोहाड़े और सिविल सर्जन डॉ. लोकेश साहू के मार्गदर्शन में अभियान की तैयारियां की जा रही हैं। सामान्यतः प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन प्रत्येक माह की नौ और चौबीस तारीख को शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में किया जाता है। नवंबर माह में नौ तारीख को शासकीय अवकाश होने के कारण शासन से प्राप्त दिशा-निर्देश के अनुसार इस बार आयोजन सात नवंबर को किया जा रहा है।

उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की होगी पहचान

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार का महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम है। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं में उच्च जोखिम वाले लक्षणों की समय पर पहचान करना और विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षित चिकित्सकों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस अभियान के जरिए ऐसी गर्भवती महिलाओं को चिन्हांकित किया जाएगा, जिन्हें गर्भावस्था या प्रसव के दौरान विशेष चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता हो सकती है।

उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के समुचित प्रबंधन के साथ जरूरत पड़ने पर उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। इससे समय पर उपचार मिलने और सुरक्षित प्रसव की संभावनाएं बढ़ेंगी। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य मातृ मृत्यु अनुपात को कम करना और गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

सोनोग्राफी और विशेषज्ञ परामर्श पर रहेगा जोर

अभियान के प्रभावी संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष निगरानी व्यवस्था की है। इसके अंतर्गत शत-प्रतिशत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान, आवश्यकतानुसार सोनोग्राफी सुविधा और PMSMA फ्लो चार्ट के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों (OBG) तथा निजी चिकित्सकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

गर्भवती महिलाओं को पोषण, संस्थागत प्रसव और गर्भावस्था के दौरान दिखाई देने वाले खतरे के लक्षणों के संबंध में भी परामर्श दिया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं और उनके परिवारों को गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक करना है, ताकि किसी भी संभावित जटिलता का समय रहते पता लगाया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग ने की जांच कराने की अपील

सीएमएचओ डॉ. शरद कोहाड़े और सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. लोकेश साहू ने जिले की सभी गर्भवती महिलाओं से अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। उन्होंने कहा कि सात नवंबर को जिला अस्पताल बेमेतरा सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।

स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती महिलाओं से अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर प्रसव पूर्व जांच अवश्य कराने और चिकित्सकों से जरूरी परामर्श लेने की अपील की है। विभाग के अनुसार, समय पर जांच और उचित चिकित्सकीय देखभाल से गर्भावस्था के दौरान होने वाली जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।