GK TMT ने ‘बंधन’ पहल से दिया हुनर और आत्मनिर्भरता को सम्मान, दृष्टिबाधित बेटियों की राखियां अपनाईं

रक्षाबंधन के अवसर पर GK TMT ने National Association for the Blind के साथ मिलकर ‘Bandhan’ पहल शुरू की। इसके तहत दृष्टिबाधित बेटियों द्वारा तैयार की गई राखियों को अपनाकर उनके हुनर, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित किया गया। पहल के जरिए राखियों की खरीद को महज सहयोग तक सीमित न रखते हुए इसे हुनर को सम्मान और सपनों को समर्थन देने का माध्यम बनाया गया। GK TMT ने संदेश दिया कि मजबूत निर्माण केवल मजबूत नींव का नहीं, बल्कि संवेदनशील और मजबूत समाज के निर्माण का भी नाम है।

Aug 27, 2026 - 20:28
Aug 27, 2026 - 20:28
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GK TMT ने ‘बंधन’ पहल से दिया हुनर और आत्मनिर्भरता को सम्मान, दृष्टिबाधित बेटियों की राखियां अपनाईं

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रक्षाबंधन के पावन अवसर पर GK TMT ने National Association for the Blind के साथ मिलकर ‘Bandhan’ नाम से एक विशेष पहल की। इस पहल का उद्देश्य दृष्टिबाधित बेटियों के हुनर, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करना रहा।

‘Bandhan’ पहल के तहत दृष्टिबाधित बेटियों द्वारा अपने हाथों से तैयार की गई राखियों को अपनाया गया। इस पहल के माध्यम से राखियों की खरीद को केवल सहयोग के रूप में नहीं, बल्कि उनके हुनर को सम्मान देने और उनके सपनों को समर्थन देने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया।

GK TMT का मानना है कि समाज की वास्तविक मजबूती केवल मजबूत निर्माण और मजबूत नींव से नहीं, बल्कि एक संवेदनशील, समावेशी और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण से होती है। इसी सोच के साथ ‘Bandhan’ पहल ने रक्षाबंधन के पर्व को सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदनाओं से जोड़ा।

दृष्टिबाधित बेटियों द्वारा तैयार राखियों को अपनाने से उन्हें अपने हुनर को आगे बढ़ाने का अवसर मिलने के साथ आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी प्रोत्साहन मिला।

इस पहल के जरिए GK TMT ने यह संदेश दिया कि बंधन सिर्फ एक धागे का नहीं होता, बल्कि रिश्तों, हौसलों और सपनों का भी होता है।

रक्षाबंधन के इस अवसर पर ‘Bandhan’ पहल ने यह साबित किया कि किसी के हुनर को सम्मान देना और उसके सपनों को आगे बढ़ने का अवसर देना भी समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।